भरमौर से धर्मशाला आए हिम्मत राम के सात बच्चों में सबसे छोटे निकेश धौलाधार सांस्कृतिक युवा मंच के फाउंडर सदस्य हैं। इसी मंच के माध्यम से निकेश ने शुरुआत की और टी-सीरीज, नगमा सहित अन्य बड़ी कंपनियों के बैनर तले बनीं सामो नार, एक नीलमा पहाड़े दी, मामा पहाड़िया, कुंजू चंचलो और हास्य फिल्म गुदगुदी हिमाचले दी फिल्म में मुख्य सहायक निर्देशक का काम करते हुए इन फिल्मों में अभिनय भी किया।
वहीं चूड़ा सजना दा और तेरी याद आए सजना में निर्देशन किया। इसके अलावा 28 नॉन स्टॉप पहाड़ी नाटियों हो मोईये रखी दित्ता तेरा वो वियां... और धोबण एलबम सहित करीब दो दर्जन से अधिक गीतों की एलबम में मुख्य किरदार में रहे। साल 2010 में लोक संपर्क विभाग में बतौर कलाकार चयनित हुए और वर्तमान में विभाग में गायन और अभिनय करते हैं। निकेश ने सांसद शांता कुमार की लिखी फिल्म लाजो में निर्देशन किया।
निकेश ने रावमापा बालक धर्मशाला से जमा दो की पढ़ाई की। 2002 में वह एनएसएस के वेस्ट वालंटियर चुने गए, जबकि एनवाईके के साथ रहते हुए उन्हें 2008 में श्रेष्ठ युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। स्नातक की पढ़ाई धर्मशाला महाविद्यालय से वाद्य संगीत में की है। निकेश ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और प्रवीन कला केंद्र चंडीगढ़ से विशारद की और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय दूरवर्ती शिक्षण संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं।