आनी उपमंडल के निरमंड में आयोजित जनमंच कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा अफसरों पर तल्ख दिखे। कार्यक्रम के दौरान वन, शिक्षा और अन्य विभागों की कमियां सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार जनता के कार्य करने के लिए पगार देती है। समय पर काम निपटाएं और जनता को सुविधा प्रदान करें।
लोगों ने भी मंत्री के सामने पोल खोलते हुए कहा कि उन्हें अपने काम करवाने के लिए अधिकारियों के पास बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। मारकंडा ने कहा कि जनमंच के अलावा अधिकारी कार्यालय में लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से निपटाएं।
अगर कोई काम नहीं होने वाला है तो पहले ही मना कर दें जिससे लोगों को कार्यालय के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा देने के लिए अधिकारी फील्ड में जाकर समस्या का समाधान करें। दूरदराज के जो लोग मुख्यालय नहीं पहुंच सकते, उन्हें जनमंच पर यह सुविधा दी जा रही है।
उधर, मिल्कफेड से संबंधित शिकायतें रखी गईं तो मौके पर कोई अधिकारी नहीं था। इसको लेकर मारकंडा ने कहा कि संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
सोलर ड्रिप सिंचाई पर 100 प्रतिशत सब्सिडी : मारकंडा
कृषि, जनजातीय विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि सरकार सामूहिक सोलर ड्रिप सिंचाई योजनाओं पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देगी। निजी सोलर ड्रिप सिंचाई योजनाओं के लिए भी 90 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया जा रहा है।
जिले की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निरमंड में रविवार को जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मारकंडा ने यह बात कही। बताया कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के साथ-साथ प्रदेश सरकार हिमाचल को प्राकृतिक खेती राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना आरंभ की है। सरकार ने इस वित्त वर्ष में प्राकृतिक खेती के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
इस योजना के तहत किसानों को देसी गाय और आवश्यक सामग्री पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। डॉ. मारकंडा ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस योजना के काफी उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान ही कृषि विभाग ने प्रदेश में खतरनाक कीटनाशकों और रासायनिक खाद के प्रयोग में लगभग सात करोड़ रुपये तक की कमी लाने में सफलता हासिल की है। डॉ. मारकंडा ने कहा कि केंद्रीय बजट में भी इस बार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की घोषणा की है और इसमें हिमाचल प्रदेश एक अग्रणी राज्य बनकर उभर सकता है।
प्राकृतिक खेती राज्य बनाने में दें सहयोग
कृषि मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें लावारिस पशुओं के लिए गोशाला निर्माण और कूड़े-कचरे का उपयुक्त प्रबंधन भी सुनिश्चित करे। किसानों से आग्रह किया कि वे हिमाचल को संपूर्ण प्राकृतिक खेती राज्य बनाने में सहयोग दें। मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि अब केंद्र और प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को सीधे भारी भरकम बजट प्रदान कर रही है। प्रत्येक नागरिक को ग्राम सभा की बैठकाें में भाग लेकर इस बजट का सदुपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।