शिमला। राजधानी में सप्लाई हो रहे दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पैकेट बंद दूध को उबालने पर बदबू आने और दूध फटने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। दूध में मिलावट का भी अंदेशा है।
जाखू, भराड़ी, लोअर बाजार समेत कई दुकानदारों ने लगातार आ रही शिकायतों के बाद दूध की सप्लाई भी घटा दी है। दुकानदारों का कहना है कि एक नामी कंपनी के दूध में ये शिकायतें आ रही हैं। लोग पतले दूध की भी शिकायतें कर रहे हैं। भराड़ी के दुकानदार संजीव सूद का कहना है कि दूध को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। दूध की थैली में अंकित अंतिम तारीख तक भी दूध नहीं टिक पा रहा। ज्यादातर लोग दूध में बदबू आने और दूध फटने की शिकायतें कर रहे हैं। उधर, शिमला व्यापार मंडल का कहना है कि ज्यादातर दूध का कारोबार बिना बिल के हो रहा है। यदि दूध खराब निकलता है तो ऐसी स्थिति में दुकानदार ही फंसेगा। दुकानदार के पास दिखाने तक के लिए बिल नहीं होते कि दूध खरीदा कहां से है? महासचिव संजीव ठाकुर ने कहा कि रिटेलर को बिल नहीं दिए जा रहे। व्यापार मंडल कई बार यह मांग उठा चुका है लेकिन प्रशासन इस पर कोई काम नहीं करता।
कारोबारी बोले, नहीं भर रहे सैंपल
शिमला शहर के लिए साथ लगते गांवों के अलावा पंजाब और हरियाणा से दूध सप्लाई होता है। शहर में करीब आधा दर्जन व्यापारी दूध का कारोबार कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि लगातार दूध में मिलावट की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन सरकार ने जिस महकमे को इसके सैंपल लेने और जांच करने की जिम्मेदारी दी है, वह सो रहा है। कारोबारी संजीव सूद ने कहा कि वह कई बार शिकायतें दे चुके हैं लेकिन, आज तक विभाग के इंस्पेक्टर सैंपल लेने नहीं पहुंचे। कारोबारियों ने विभाग पर भी मिलीभगत के आरोप जड़ दिए हैं।
चला रखी है मुहिम: डॉ. विजया
खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त आयुक्त डॉ. विजया का कहना है कि शहर से दूध को लेकर अभी विभाग के पास कोई शिकायत नहीं आई है। विभाग ने कई दिनों से अपने स्तर पर ही शहर में दूध और तेल के सैंपल लेने की मुहिम चला रखी है। यदि किसी कंपनी के दूध में गड़बड़ी मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।