एमसी का सर्वे तारादेवी से बाईपास तक बने हैं 111 भवन, सिर्फ 29 के पास हैं नक्शे
एपी शाखा तैयार कर रही रिपोर्ट, आयुक्त कोर्ट में होेगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के कच्चीघाटी क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे अवैध तरीके से बनाए बहुमंजिला भवनों पर नगर निगम बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नगर की एपी शाखा को इनका रिकॉर्ड तैयार कर सुनवाई के लिए आयुक्त कोर्ट में पेश करने के निर्देश जारी हो गए हैं।
सुनवाई के दौरान अवैध रूप से बने भवनों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने दो साल पहले तारादेवी से लेकर टुटीकंडी बाईपास सड़क तक एनएच के किनारे बने भवनों का सर्वे करवाया था। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार एनएच के किनारे कुल 111 भवन बने हैं। इन सभी भवन मालिकों को भवन निर्माण से जुड़ा रिकॉर्ड पेश करने को कहा था। कुछ भवन मालिकों ने रिकॉर्ड जमा करवाया जबकि ज्यादातर ने रिकॉर्ड नहीं दिया था। रिकॉर्ड देखने के बाद कुल 29 भवन ऐसे थे जो नक्शे के मुताबिक बने पाए गए। इस सर्वे रिपोर्ट पर उस समय कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई और फाइल दब गई। लेकिन अब कच्चीघाटी के घोड़ाचौकी में कई भवनों के ढहने और अनसेफ होने की घटना के बाद एमसी आयुक्त आशीष कोहली ने सर्वे की रिपोर्ट भी तलब कर दी है। सर्वे में अवैध भवनों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। एरिया के कनिष्ठ अभियंता को जल्द इन भवनों की पूरी फाइलें तैयार कर पेश करने को कहा है।
भवन मालिकों का तर्क, 1979 से पहले बने हैं भवन
नगर निगम के अनुसार जिन भवन मालिकों के नक्शे नहीं हैं, उनमें से कुछेक भवन मालिकों ने जवाब दिया है कि उनके मकान 1979 से पहले के बने हैं। तब यह पंचायत एरिया था। नगर निगम अब इनके दिए जवाब का राजस्व रिकॉर्ड के साथ जांच कर रहा है। वहीं कई भवन मालिक ऐसे हैं जिन पर पहले से अवैध निर्माण के केस चल रहे हैं। अब इनके मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर आयुक्त कोर्ट में सुनवाई की जाएगी।
प्राथमिकता पर होगी सुनवाई : आयुक्त
एपी शाखा को इस एरिया में सड़क किनारे बने भवनों से जुड़े केस सुनवाई के लिए लगाने को कहा गया है। इन मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाएगी।
-आशीष कोहली, नगर निगम आयुक्त