राजधानी शिमला में में गिर रहे पेड़ों और खतरनाक बन चुके पेड़ों को लेकर अब नगर निगम भी गंभीर हो गया है। सोमवार को वन मंडलाधिकारी को नगर निगम में तलब किया गया है।
इस दौरान महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर और आयुक्त अमरजीत सिंह की मौजूदगी में पेड़ों को लेकर चर्चा की जाएगी। उपमहापौर ने बैठक बुलाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि शहर में पेड़ गिरने की घटनाओं को लेकर बेवजह नगर निगम को दोषी ठहराने का प्रयास किया जा रहा है।
जबकि निगम ने लगातार वन विभाग को असुरक्षित पेड़ों को लेकर सूचित किया है। निगम अपनी जिम्मेवारियों से भी पीछे नहीं हट रहा है। उन्होंने कहा है कि सोमवार को इस बाबत तथ्यों के साथ जानकारी दी जाएगी।
31 जुलाई को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में पार्षदों ने महापौर संजय चौहान पर शहर में असुरक्षित हुए पेड़ों की सुध नहीं लेने के आरोप लगाए थे। ट्री अथारिटी की बैठक नहीं बुलाने और खतरनाक पेड़ों को काटने की सिफारिश नहीं करने के लिए महापौर को दोषी ठहराया था।
पार्षदों ने एकमत होकर कहा था कि महापौर जंगल छिनने का बहाना बना कर अपनी जिम्मेवारियों से पीछे हट रहे हैं। जंगल छिनने के दौरान ने महापौर को ट्री अथारिटी कमेटी से इस्तीफा दे देने की सलाह भी पार्षदों ने दी थी।
इसी माह शिफ्ट होगा एमसी ऑफिस
नगर निगम दफ्तर इसी माह उपायुक्त दफ्तर परिसर में शिफ्ट हो जाएगा। निगम प्रशासन को भवन मिलने का इंतजार है। इसी कड़ी में नगर निगम ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जल्द से जल्द भवन सौंपने को कहा है ताकि शिफ्टिंग का काम शुरू हो सके। सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर ने बताया कि बिल्डिंग हैंडओवर होते ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।