मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शनिवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले। इससे पहले शुक्रवार देर रात को उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी भेंट की। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के दोनों प्रमुख नेताओं से हिमाचल के राजनीतिक हालात की जानकारी दी।
वीरभद्र सिंह के अलावा परिवहन मंत्री जीएस बाली और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव एवं डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की। हालांकि, कांग्रेस नेताओं की आलाकमान के शीर्ष नेताओं से इस भेंट के अलग-अलग सियासी मतलब भी निकाले जा रहे हैं।
वीरभद्र सिंह की सोनिया गांधी से यह भेंट शनिवार को सुबह 11.15 बजे हुई। इससे पहले सोनिया से मिलने की एप्वाइंटमेंट ले चुकीं एआईसीसी सचिव आशा कुमारी से भी उन्होंने लंबी गपशप की। आशा कुमारी ने सोनिया गांधी से वीरभद्र के बाद भेंट की।
सूत्रों की मानें तो वीरभद्र सिंह ने इस बार सोनिया गांधी से अकेले में भेंट की है। इस बार सोनिया से मुलाकात के समय उनके खास वजीर माने जाने वाले उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा भी उनके साथ नहीं थे, जबकि दोनों ही दिल्ली में बताए जा रहे हैं।
उन्होंने हिमाचल सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल को बेहतरीन बताते हुए इसकी संक्षिप्त जानकारी दी। साथ ही हिमाचल के मौजूदा सियासी हालात पर भी चर्चा की। प्रदेश में कांग्रेस की मजबूती पर भी चर्चा की। हालांकि, वीरभद्र के करीबी इसे शिष्टाचार भेंट कह दे रहे हैं।
आशा बोलीं - चौधरी बीरेंद्र सिंह मामले में मिलीं
शिमला। एआईसीसी सचिव आशा कुमारी ने कहा है कि उन्होंने सोनिया गांधी से भेंट कर हरियाणा में कांग्रेस के नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह को दिए नोटिस के बारे में बात की। उन्हें यह नोटिस एआईसीसी महासचिव शकील अहमद ने दिया है।
आशा कुमारी ने कहा है कि वीरभद्र सिंह उनसे पहले सोनिया से मिले। इससे पहले उनके साथ वेटिंग रूम में पारिवारिक मसलों पर उन्होंने लंबी चर्चा की। वीरभद्र सिंह से तो उन्होंने दो दिन पहले चंडीगढ़ में भी भेंट की थी।