शिमला के मेयर संजय चौहान ने नगर निगम की नाकामी का ठीकरा एक बार फिर प्रदेश सरकार के सिर फोड़ा है। मेयर का कहना है कि सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण नगर निगम शहर के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पा रहा।
अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार को मेयर ने यह बात प्रेसवार्ता के दौरान कही। नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर भी इस मौके पर मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि अपने चार साल के कार्यकाल से वह संतुष्ट नहीं हैं।
जो करने की मंशा थी वह काम नहीं हो पाए। सदन में 88 फीसदी बहुमत कांग्रेस और बीजेपी का था, माकपा के पास महज 12 फीसदी बहुमत था। बावजूद इसके सदन में सहयोगियों के साथ मिलकर शहर के लोगों के हित में फैसले लिए।
मेयर ने कहा हम सब कुछ नहीं कर पाए
उपलब्धियां गिनाते हुए मेयर ने कहा कि ‘हम जो कुछ कर पाए वो बता रहे हैं लेकिन हम सब कुछ नहीं कर पाए’ अब सिर्फ एक साल बचा है। पब्लिक सुझाव दे कि अब क्या किया जाए। उन्होंने बताया कि चार साल के कार्यकाल को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए विशेष अभियान चलाया है।
कैथू वार्ड से अभियान शुरू किया है, एक एक कर सभी 25 वार्डों के लोगों की राय ली जाएगी। हालांकि इस अभियान के दौरान हमें अच्छा फीड बैक नहीं मिल रहा। मेयर ने शहर के लोगों से नगर निगम के कार्यों की आलोचनात्मक समीक्षा करने का आग्रह किया है ताकि कार्यकाल के बाकी बचे समय का सदुपयोग किया जा सके।
सरकार पर यह लगाए आरोप
1. - सरकार से नगर निगम को नही मिला अतिरिक्त अनुदान
2. - ट्रायल सफल होने के बावजूद नहीं चलाने दिए बैटरी संचालित वाहन
3. - स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हुआ धोखा, कोर्ट जाना पड़ा
4. - सरकार ने समय पर नहीं दिया केंद्रीय योजनाओं का पैसा
मेयर ने यह गिनाईं अपनी उपलब्धियां
- चार साल में विकास कार्यों पर 25 वार्डों में खर्च किए 91 करोड़
- वित्तीय स्थिति में सुधार, पहले वेतन देने को पैसा नहीं था अब कोई कमी नहीं
- पानी का निजीकरण नहीं होने दिया, क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर फोकस
- शहर की 80 फीसदी सड़कों की हुई टारिंग, टूटीकंडी रोप-वे पर चल रहा काम
- तीन महीने में एलईडी में बदलेंगी दस हजार स्ट्रीट लाइटें
- 35 टन की जगह अब उठा रहे 80 टन कूड़ा, वेस्ट टू एनर्जी शुरू करने की तैयारी
- शौचायलों की स्थिति में सुधार के लिए सुलभ से काम लेकर सनशाइन को सौंपा
- मालरोड के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट पर भी शुरू किया काम
Published By Ashok Chauhan