त्योहारी सीजन में मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा ने 5 टीमें गठित की हैं। यह विशेष टीमें शहर की मिठाई की दुकानों और शहर में मिठाइयां बनाने के लिए आने वाले कच्चे माल की जांच करेंगी।
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. उमेश कुमार भारती ने कहा कि शहर में औचक निरीक्षण शुरू कर दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ न्यू फूड सेफ्टी एक्ट में कार्रवाई होगी।
पांच लाख रुपये का जुर्माना और छह माह की कैद का प्रावधान भी है। बाहरी राज्यों से तैयार मिठाइयां और मिठाइयों को बनाने में प्रयोग होने वाला कच्चा माल शहर में पहुंचना शुरू हो गया है।
आने वाले दिनों में मिठाइयों की मांग अधिक बढ़ने पर मिलावट कर मुनाफाखोरी करने का काम भी शुरू हो जाएगा। इसको देखते हुए स्वास्थ्य शाखा ने कमर कस ली है।