नगर निगम ने चुनावी साल में करोड़ों के प्रोजेक्टों के उद्घाटन करवाए फिर लगा दिए ताले आजीविका भवन में शिफ्ट होनी है तिब्बती मार्केट
भाजपा शासित एमसी का चुनावी साल में स्टंट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भाजपा शासित नगर निगम ने चुनावी साल में राजधानी में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्टों के उद्घाटन तो कर दिए लेकिन शहरवासियों को इनकी सुविधा नहीं मिल रही। नगर निगम ने बीते माह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से छह करोड़ रुपये की लागत से बने आजीविका भवन का उद्घाटन करवाया था। लेकिन दो हफ्ते बाद भी तिब्बती मार्केट और तहबाजारी इसमें शिफ्ट नहीं किए गए।
कारोबारी नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं लेकिन आजीविका भवन में ताले लटके हैं। कृष्णानगर में 6.49 करोड़ रुपये की लागत से गरीब परिवारों के लिए बने आवासों का उद्घाटन होने के बाद इन्हें भी बंद रखा है। गरीब परिवार किराये के मकान में रह रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि गरीब परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने 25 मई को झांसी पार्क के पास 35 लाख रुपये की लागत से तैयार टेस्ट लैब की शुरुआत की थी। शहर के अस्पतालों में टेस्ट को लेकर चल रहे संकट से इस लैब से राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन हकीकत यह है कि उद्घाटन के एक हफ्ते बाद भी लैब में टेस्ट नहीं हो रहे। लैब में अभी दो तकनीशियन रखे जाने हैं। टेस्ट के लिए किट और केमिकल तक नहीं हैं।
दो माह में हुए हैं 40 से अधिक उद्घाटन
मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से उद्घाटन करवाने के बाद नगर निगम ने ज्यादातर प्रोजेक्टों पर ताले लगा दिए हैं। नगर निगम के चुनाव को देखते हुए शहर में दो माह में 40 से ज्यादा कार्यों के उद्घाटन किए गए हैं। लेकिन इनकी जमीनी हकीकत यह है कि आम जनता को इनका कोई फायदा नहीं मिल रहा।
इन बड़े प्रोजेक्टों पर भी लगे हैं ताले
छोटा शिमला बाजार में बुक कैफे
पटयोग वार्ड (न्यू शिमला) के सेक्टर वन में बुक कैफे
कसुम्पटी बाजार में व्यावसायिक परिसर
कई वार्डों में बनीं स्टील पार्किंग
वो शिलान्यास जहां काम नहीं हुआ शुरू
लोकल बस स्टैंड पर आठ करोड़ से बहुमंजिला पार्किंग प्रोजेक्ट
एसडीए परिसर विकासनगर में सात करोड़ का पार्किंग प्रोजेक्ट
मेयर बोलीं, जल्द मिलेगी सुविधा
नगर निगम की लैब में कर्मचारी तैनात किए जा रहे हैं। सदन ने इसे मंजूरी भी दे दी है। जल्द टेस्ट सुविधा शुरू होगी। बाकी प्रोजेक्टों की सुविधा भी जल्द जनता को मिलेगी।
-सत्या कौंडल, महापौर नगर निगम शिमला।