शहीद रिंगजिन दोर्जे का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दो बजे बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के तहत किया जाएगा। शहीद रिंगजिन दोर्जे की मौत के बाद उनके दो बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी उनकी पत्नी पर आ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारगिल में माउंट नून एक्सपीडिशन के दौरान दो दिन पहले नून पीक पर ग्लेशियर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
एक्सपीडिशन शुरू होने से पहले 15 अगस्त को अंतिम बार अपने परिजनों से मिले थे। शहीद रिगजिन तीन बार एवरेस्ट और एक बार 8 हजार फीट उंची धौलागिरी को फतह कर चुके हैं। उनकी 6 साल की बेटी और 9 साल का एक बेटा है। रिंगजिन दोर्जे की इस तरह मौत होने से स्पिति वैली में शोक की लहर है।