इस बार करीब पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने मणिमहेश यात्रा कर पवित्र डल झील में स्नान किया। एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर मणिमहेश यात्रा पर गए। 60 हजार ज्यादा श्रद्धालु ऐसे थे, जिन्होंने अधिकारिक यात्रा शुरू होने से पहले ही डल झील में जाकर स्नान किया और कैलाश पर्वत के दर्शन किए। इस बार श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के मणिमहेश यात्रा की। बारिश के बीच भरमौर प्रशासन ने दो बार अस्थायी तौर पर यात्रा को रोका लेकिन मौसम साफ होते ही उसी या अगले दिन यात्रा को सुचारू कर दिया।
प्रदेश में पिछले दिनों बरसात से मची तबाही के कारण इस बार मणिमहेश यात्रा में कम श्रद्धालुओं के पहुंचने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि इसका यात्रा पर खास प्रभाव नहीं पड़ा। मणिहमेश यात्रा के दौरान सुबह से रात तक चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर छोटे शाही स्नान के दौरान 20,000 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाई।
राधाष्टमी पर 70,000 शिवभक्तों ने डलझील में शाही स्नान किया। अतिरिक्त उपायुक्त भरमौर नवीन तंवर ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन ने हरसंभव प्रयास किए। यात्रा के दौरान करीब पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र डलझील में डुबकी लगाने सहित कैलाश पर्वत के दर्शन किए।