पर्वतारोहण के क्षेत्र में कई सफलताएं हासिल कर चुकीं मनाली की रमा ठाकुर माउंट एवरेस्ट को फतह करने निकल गई हैं। रमा ने पर्वतारोहण शुरू कर दिया है। वह बेस कैंप पहुंच गई हैं। इसके बाद वह एवरेस्ट की ओर कदम बढ़ाएंगी। रमा ठाकुर अपने सभी प्रयासों के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए नेपाल सरकार को रॉयल्टी के रूप में दी जाने वाली 23 लाख की रकम नहीं जुटा पाई थीं। उसने सामाजिक संस्थाओं से भी मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद वह एवरेस्ट फतह करने निकल गई हैं।
रमा ठाकुर 2007 में 17,353 फुट ऊंची फ्रेंडशिप पीक, 2011 में 22,280 फुट ऊंची लियो पुर्ज्ञाल को चढ़ते हुए 19,400 फुट की ऊंचाई तक पहुंची थीं, जबकि एक टीम लीडर के तौर पर 2019 में 20,050 फुट ऊंची युनाम पीक, 2021 में 13,780 फुट ऊंची चोटी खानपरी टिब्बा, 2022 में 19,688 फुट ऊंची चोटी देऊ टिब्बा और 2023 में 19,341 फुट ऊंची किलिमंजारो पर फतह हासिल की है। रमा ठाकुर का कहना है कि भारत में पर्वतारोहण की अपार संभावनाएं होते हुए भी केवल 17 प्रतिशत महिलाएं ही इस क्षेत्र में हैं। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को वह इस ओर प्रेरित करना चाहती हैं। इसी मकसद से वह एवरेस्ट फतह करने निकली हैं।