मनाली-लेह सामरिक मार्ग को बहाल करने में जुटा बीआरओ।
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पिछले करीब तीन माह से बंद पड़ा रोहतांग दर्रा एक सप्ताह के भीतर फिर से ट्रैफिक के लिए बहाल हो जाएगा। रोहतांग दर्रा खुलने से मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर सेना के वाहनों की आवाजाही जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। रविवार को बीआरओ का एक काफिला राहनीनाला पार करते हुए रोहतांग की तरफ कूच कर गया है।
राहनीनाला में लगभग 40 फीट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर रास्ता निकाला गया है। इस पूरे अभियान के बीच जवानों को माइनस बीस डिग्री तक तापमान में पसीना बहाना पड़ रहा है। बीआरओ का दावा है कि मनाली की तरफ से लक्ष्य अब महज चार किलोमीटर दूर है। हालांकि, राहनीनाला में गिरे हिमखंड को हटाने का काम जारी है।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र का दावा है कि एक सप्ताह में रोहतांग दर्रे को बहाल कर मनाली-केलांग सड़क मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बारालाचा दर्रा में भी इस मिशन को जल्द पूरा करते हुए मनाली-लेह सामरिक मार्ग को सेना के लिए जल्द बहाल कर दिया जाएगा।
इस मार्ग के खुलते ही सैन्य वाहनों का काफिला लद्दाख क्षेत्र के लिए रवाना होगा। कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि संभव है कि इस बार मनाली-लेह सामरिक मार्ग को इस बार समय से पहले बहाल कर दिया जाए। लाहौल की तरफ से रोहतांग महज तीन किलोमीटर दूर रह गया है।