1994 से 2005 तक अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के खिताब पर कब्जा किया। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में भी पांच बार विजेता रहे हैं।
हिमाचल सरकार की ओर से ऊना में करवाई जाने वाली हिमाचल केसरी स्पर्धा का खिताब वे तीन बार जीत चुके हैं। अब चंडीगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश को गोल्ड मेडल दिलाया, लेकिन किसी भी सरकार ने उनके बारे में नहीं पूछा।
जगदीश ने कहा कि उन्होंने पंजगाई स्कूल में बतौर डीपीई 74 नेशनल खिलाड़ी तैयार किए हैं। कई खिलाड़ियों को परशुराम अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। जगदीश पंजगाई स्कूल में डीपीई के पद पर कार्यरत हैं।
उधर, वन, परिवहन व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इस बारे में सदर के विधायक से बात की जाएगी। विधायक जिस तरह का प्रपोजल सरकार को भेजेंगे, उसे मंजूर कर मांगों को पूरा किया जाएगा।