हिमाचल नेटबाल एसोसिएशन के महासचिव अशोक आनंद का कहना है कि एसोसिएशन कई वर्षों से सरकार से बच्चों के हक की लड़ाई लड़ती आ रही है। वर्ष 2014 में भी दोबारा फाइल तैयार करके खेल विभाग में दी गई है।
लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हिमाचल नेटबाल एसोसिएशन के मुख्य चयनकर्ता सुनील अत्री का कहना है कि सरकारी नौकरियों में जिस तरह अन्य खेलों से खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है।
उसी तर्ज पर नेटबाल खिलाड़ियों को भी मौका मिलना चाहिए, ताकि 1984 से हिमाचल में पंजीकृत नेटबाल के प्रति उत्साह कायम रहे और रीनू शर्मा जैसी प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आती रहे।