बाधित किया शिमला-धर्मशाला हाईवे ।
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बिलासपुर के मंगरोट में शिमला-धर्मशाला हाईवे की भूमि पर अपना दावा करने वाले व्यक्ति ने एक बार फिर यातायात बाधित कर दिया। सोमवार को उसने हाईवे पर पत्थर, बिस्तर और रेहड़ी लगा दी। हालांकि प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए बुलाने के बाद व्यक्ति ने हाईवे से सामान हटा दिया। एसडीएम सदर ने एक सप्ताह में उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। दरअसल, व्यक्ति की मां के नाम हाईवे की आठ बिस्वा भूमि निकली है, जिसे वह प्रशासन ने वापस मांग रहा है।
मंगरोट के राजनकांत ने सोमवार सुबह हाईवे पर पत्थर, रेहड़ी और बिस्तर लगा दिया। इससे कई घंटे हाईवे की एक लेन पर यातायात बाधित रहा। इस दौरान सदर थाना से पुलिस दल मौके पर पहुंचा। एएसपी बिलासपुर ने फोन पर राजनकांत से बात की और बताया कि इस मुद्दे पर वह एसडीएम से बात करें। इसके बाद उन्होंने हाईवे से सामान और पत्थर को हटाया। राजनकांत अपनी मां के साथ एसडीएम कार्यालय गया। एसडीएम ने उन्हें एक सप्ताह में उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
राजनकांत ने बताया कि वह निशानदेही होने के बाद प्रशासन से उनकी भूमि वापस दिलाने की मांग कर रहा है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। इसके चलते उसे बार-बार हाईवे की भूमि पर कब्जा करना पड़ रहा है। बताया कि उसका खोखा हटाने के बाद उसका रोजगार छिन गया है। यदि इस बार भी प्रशासन ने उसकी भूमि वापस नहीं दी तो फिर से हाईवे की भूमि पर कब्जा करेगा।
एक साल से चल रहा यह विवादयह जमीन विवाद पिछले साल दिसंबर से चल रहा है। दिसंबर में उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगरोट में राजमार्ग के किनारे से राजनकांत शर्मा का खोखा हटाया गया था।
इसके तुरंत बाद राजनकांत ने राजमार्ग उसकी भूमि से होकर गुजरने का दावा कर उस पर खोखा लगा दिया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मामले में कोई हल नहीं निकले पर राजनकांत ने इस मार्च में फिर खोखा लगा दिया। तब प्रशासनिक अधिकारियों के निशानदेही के आश्वासन पर राजनकांत ने खोखा हटाया था। इसके बाद अप्रैल में निशानदेही की गई, जिसमें राजमार्ग की आठ बिस्वा भूमि राजनकांत के मां के नाम निकली। हालांकि इसके बाद भी भूमि राजनकांत को वापस नहीं मिली। राजनकांत अगस्त में भी राजमार्ग पर यातायात बाधित किया। इसके मंत्री अनुराग ठाकुर को भी ज्ञापन भी दिया। एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग ने बताया कि तहसीलदार से निशानदेही की रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट को स्टडी करने के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी।