मलाणा गांव में मकान में लगी आग।
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ऐतिहासिक मलाणा गांव में आग से 17 मकान और एक दुकान जलकर राख हो गए हैं। 40 घंटे बाद गुरुवार को भी कई घरों में आग सुलगती रही। आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम सुबह से शाम तक स्थानीय लोगों के साथ डटी रही। भीषण आग से प्रभावित हुए गांव के लोग घरों की राख में सामान ढूंढ रहे हैं।
जिंदगी भर की कमाई के साथ सिर से छत छिनने से ग्रामीणों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा कि एकाएक उनका सब कुछ जल गया है। पुरुष और महिलाओं को अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों की चिंता सताने लगी है।
पीड़ित नामो देवी, बही राम, गयाहरी देवी, सोभी देवी, सही राम और मगडू राम ने कहा कि सपने में भी नहीं सोचा था कि वे खुले आसमान के तले आ जाएंगे। ग्रामीणों ने अपने घरों को बचाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन कुछ भी नहीं बचा पाए। कहा कि आग की चिंगारी गुरुवार तक सुलग रही है।
इसे बुझाने में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दिनभर लगे रहे। प्रभावित महिलाएं राख के ढेर को बार-बार निहार रही हैं। मलाणा पंचायत के उपप्रधान रामजी ने कहा कि गांव के लोग सदमे में हैं। किसी को भी हादसे को लेकर समझ नहीं आ रहा है। अग्निशमन विभाग कुल्लू के अधिकारी दुर्गा सिंह ने कहा कि विभाग की एक टीम अभी भी मलाणा गांव में है।