विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अगले वर्ष पुरानी बोगियों की जगह हाई स्पीड नेरोगेज मॉडर्न विस्ताडोम कोच लेंगे। रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) कपूरथला में मॉडर्न कोच स्पीड से लेकर यात्रियों की सुविधाओं के अनुरूप तैयार किए जाएंगे।
खास बात यह है कि मॉडर्न कोच ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के बाद भी कामयाब हैं। इनकी निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए कोच आने के बाद कालका-शिमला रेललाइन पर 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली टॉय ट्रेन की स्पीड भी बढ़ेगी। व्हील सेट को भी मोडिफाई और अपग्रेड किया जा रहा है।
आरसीएफ कपूरथला ने बोगियों का लेआउट तैयार कर रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा है। बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद अन्य कार्य शुरू किया जाएगा। मॉडर्न कोच की एक बोगी को दिसंबर में तैयार कर ट्रैक पर ट्रायल के लिए उतारा जाएगा। आरडीएसओ की टीम इस कोच को प्रमाणिकता प्रदान करेगी। अनुमति मिलने के बाद इन कोच की सीरीज तैयार की जा सकेगी।
पर्यटकों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अगले वर्ष नई बोगियां उतारी जाएंगी। इसके लिए रेल मंत्रालय से बोर्ड को मंजूरी मिल गई है। पहले चरण में बोर्ड 30 कोच तैयार करवाएगा। कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का कार्य भी चला हुआ है।
आरडीएसओ लखनऊ की टीम इस कार्य में जुटी है। उधर, रेल कोच फैक्ट्री के सीपीआरओ जितेश कुमार ने बताया कि ट्रेन की स्पीड बढ़ाने और यात्रियों के आरामदायक सफर का ध्यान रखते हुए कोच का निर्माण किया जा रहा है। ले-आउट की प्रक्रिया पूरी होते ही आगामी कार्य शुरू होगा। स्पीड बढ़ाने की दिशा को देखते हुए ब्रेक सिस्टम को मोडिफाई और अपग्रेड किया जा रहा है।
90 डिग्री तक घूम सकेंगी सीटें
रेल कोच फैक्ट्री में तैयार होने वाले मॉडर्न कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। कोच में आराम करने के लिए सीटें भी 90 डिग्री तक घूम सकेंगी। आरसीएफ एलएचबी तकनीक पर आधारित नए कोचों के स्टेनलेस स्टील के हल्के वजन वाले शेल डिजाइन के अलावा बड़ी खिड़कियों और छत पर शीशे के विस्टाडोम वाले डिजाइन तैयार किया है।