हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल सबसे अधिक फेल हो रहे हैं। इसकी पुष्टि केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन के अगस्त के ड्रग अलर्ट से हो रही है। संगठन की ओर से जारी मानकों पर खरी न उतरने वाली 22 में से नौ दवाएं हिमाचल में ही बनी हैं। लिहाजा, देश भर में इन दवाओं के बैच पर प्रतिबंध की तैयारी है।
इसके लिए ड्रग विभाग ने नोटिस जारी करने की कवायद शुरू कर दी है। नमूने फेल होने वाली दवाएं हृदय रोग, अस्थमा, दर्द निवारक, एंटी स्वेलिंग, एंटासिड, बुखार आदि के लिए हैं। ये सैंपल चंडीगढ़, दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, जम्मू-कश्मीर और गुवाहाटी से एकत्र किए गए हैं।
2013 में करीब 50 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इस वर्ष यह आंकड़ा 70 के पार हो गया है। 22 दवाओं की फेहरिस्त में हिमाचल में नौ दवाएं शामिल हैं। इसमें एक ही दवा के दो बैच भी शामिल हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, तमिलनाडु, दमन और सिक्किम के उद्योगों की एक-एक, असम के 2, उत्तराखंड के दो और गुजरात के तीन उद्योग शामिल हैं।