ऐसा नहीं होने के चलते अब चुनाव मैदान में सक्रिय कार्यकर्ता नहीं मिल रहे हैं। प्रतिभा बोलीं, मैंने अपने कार्यकाल में सिर्फ एमपी फंड ही बांटा है। इतने काम से चुनाव नहीं जीता जाता। पार्टी वर्कर भी निराश हो गए हैं। पत्रकारों से बातचीत में प्रतिभा सिंह बोलीं, मैं सिर्फ मंडी तक सीमित नहीं रहना चाहती हूं। इस कारण ही चुनाव खुद नहीं लड़कर मैं पूरे प्रदेश में प्रचार करूंगी। पार्टी जो जिम्मेवारी देगी, उसे निभाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव में जीत दिलाना उनका कर्तव्य है। सभी कार्यकर्ताओं को भी पता है कि अब चुनाव का सामना करना है। सभी कोशिश करेंगे कि छोटी-मोटी नाराजगी दूर हो। प्रतिभा ने कहा कि कार्यकर्ता चुनाव जिताने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए ही वह बार-बार कार्यकर्ताओं को महत्व देने की बात करती रहीं। कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करना होगा। वह लगातार फील्ड में रही हैं। उन्हें नहीं लगता है कि वह ज्यादा सफलता हासिल कर पाएंगी। ऐसे में हाईकमान जिसे ठीक समझे, उसे चुनाव मैदान में उतारे।
मंडी से कौल, निगम और सोहन लाल के नाम पर चर्चा
प्रतिभा सिंह के लोकसभा चुनाव लड़ने से इन्कार करने के बाद अब मंडी से प्रत्याशी उतारने के लिए कांग्रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी, पूर्व विधायक सोहन लाल के नाम पर चर्चा शुरू हो गई है। कौल सिंह ने कहा कि हाईकमान का फैसला सर्वोपरि होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह ने मंडी से जीत दर्ज की है। पूरा संसदीय क्षेत्र घुमा हुआ है। उनके जीतने की संभावना भी है। उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। वहीं, नेगी निगम भंडारी ने कहा कि पार्टी के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन करेंगे।