कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर क्यारीबंगला के समीप मंगलवार सुबह पहाड़ी दरकने से वाहनों की आवाजाही पर करीब आधा घंटा ब्रेक लग गई। मलबा गिरने से पहाड़ी के साथ खड़ी पोकलेन मशीन भी इसकी चपेट में आई है। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस और फोरलेन कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आधे घंटे बाद मार्ग को वन वे कर दिया। जबकि पौने घंटे के बाद वाहनों की सुचारु रूप से आवाजाही शुरू हो गई।
जानकारी के अनुसार सुबह आठ बजकर 30 मिनट पर एनएच पर भूस्खलन हुआ। जब फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम पहाड़ी पर से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर रही थी। अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने लगे। मलबे और पत्थरों को गिरता देख ट्रैफिक को रोका गया और थोड़ी ही देर में पूरी सड़क मलबा आने से बंद हो गई। फोरलेन कंपनी मौके पर मलबा और पत्थर हटाने के लिए युद्धस्तर पर जुट गई। पौने घंटे में वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी गई।
गौर रहे कि सोलन से कैथलीघाट तक दूसरे चरण में फोरलेन निर्माण कार्य चला हुआ है। यहां पर पहाड़ी पर कटिंग का कार्य चला हुआ है। बारिश के बाद अब कई जगहों पर पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया है। इससे पहले परवाणू से सोलन के बीच भी कई जगहों पर मलबा गिर चुका है। उधर, डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने कहा कि पहाड़ी दरकने के कुछ समय बाद ही वाहनों के लिए वन वे खोल दिया था। जाम अधिक होने के कारण पौने घंटे के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो गई थी।