रोहतांग दर्रा के साथ सोलंगनाला, अटल टनल, सिस्सू, मणिकर्ण और बंजार घाटी सैलानियों से गुलजार हो गई है। मनाली समेत कुल्लू, मणिकर्ण, तीर्थन और जीभी घाटियों में प्रतिदिन 800 वाहनों की संख्या दर्ज की गई है।
देश की राजधानी दिल्ली में खराब स्तर पर पहुंचे वायु प्रदूषण से राहत पाने के लिए सैलानी कुल्लू-मनाली का रुख कर रहे हैं। दिल्ली में खराब हवा के चलते लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे राहत पाने के लिए सैलानी हिमाचल की शांत वादियों में सुकून के पल बिताने आ रहे हैं।
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रोहतांग दर्रा के साथ सोलंगनाला, अटल टनल, सिस्सू, मणिकर्ण और बंजार घाटी सैलानियों से गुलजार हो गई है। मनाली समेत कुल्लू, मणिकर्ण, तीर्थन और जीभी घाटियों में प्रतिदिन 800 वाहनों की संख्या दर्ज की गई है। इसमें अकेले मनाली ग्रीन टैक्स में ही प्रतिदिन पांच से छह सौ वाहन पहुंच रहे हैं। जिला कुल्लू के होटलों की ऑक्यूपेंसी भी 60 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। इससे होटल कारोबारी भी खुश नजर आए हैं। मनाली का ऐतिहासिक माल रोड भी पर्यटकों से गुलजार हो गया है।
ब्यास में रिवर राफ्टिंग का आनंद ले रहे सैलानी
जिला कुल्लू में सैलानी विश्व विख्यात रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग का खूब आनंद ले रहे हैं। ब्यास की धारा में पर्यटक ठंडे पानी के बीच राफ्टिंग की अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों से पैराग्लाइडिंग कर रहे हैं। कुल्लू के पिरड़ी, रायसन तथा बबेली रिवर राफ्टिंग प्वाइंटों में खूब चहलपहल है। हालांकि, बरसात छंटने के बाद ब्यास की धारा का जलस्तर कम हो गया है। कुल्लू वैली रिवर राफ्टिंग ऑपरेटर एसोसिएशन कुल्लू के प्रधान श्याम अत्री ने कहा कि एक सप्ताह से रिवर राफ्टिंग का काम बढ़ा है। दो दिन में लगभग 300 राफ्ट ब्यास में उतरी हैं।
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ग्रीन टैक्स मनाली में पिछले चार दिनों में वाहनों की एंट्री
सोमवार 410
मंगलवार 470
बुधवार 480
गुरुवार 545
जीएचएनपी, वाटरफॉल बने आकर्षण का केंद्र
तीर्थन घाटी के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क शाई रोपा और छोई वाटरफॉल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। वाटरफॉल में पर्यटक खूब मस्ती करते नजर आ रहे हैं, जबकि जलोड़ी में भी पर्यटक रगुपूरगढ़ की पहाड़ियों का दीदार कर रहे हैं।