गुड़िया प्रकरण के आरोपी नेपाली सूरज के शव का संजौली स्थित श्मशान घाट में पुलिस के कड़े पहरे में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसकी पत्नी, बच्चे और नेपाली समुदाय के कुछ लोग मौजूद रहे। सूरज का शव बुधवार सुबह उसकी पत्नी ममता को आईजीएमसी में सौंपा था।
इसके बाद उसे संजौली स्थित अंत्येष्टि स्थल में मुखाग्नि दी गई। शव 7 दिन से आईजीएमसी के शवगृह में था। सीबीआई ने मंगलवार को शव का पुन: निरीक्षण करवाया था। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों ने चिता के लिए लकड़ियां इकट्ठा कीं।
कोटखाई गुड़िया प्रकरण में नेपाली सूरज को प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने दुराचार और हत्या मामले में 13 जुलाई को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने सूरज के साथ चार और आरोपियों को हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद सूरज और अन्य आरोपियों को अदालत से पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
पांचों आरोपी कोटखाई पुलिस थाना के लॉकअप में बंद थे। लॉकअप में ही 18 जुलाई की रात को सूरज की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक सूरज की हत्या दूसरे आरोपी राजू ने की थी। पुलिस लॉकअप में कत्ल होने के बाद उसका शव पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी लाया गया था।
एसआईटी ने आईजीएमसी में सूरज के शव का पोस्टमार्टम करवाया, लेकिन मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द होने से शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। न ही शव उसकी पत्नी को सौंपा गया। अब सीबीआई की ओर से पुन: निरीक्षण करने के बाद शव उसकी पत्नी को सौंपा गया। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।