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धूमल बोले- नेहरू, शास्त्री की गलतियों को आज तक भुगत रहा देश

Thu, 27 Jul 2017 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने देश की कई बड़ी समस्याओं को पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की देन बताया है। धूमल ने कहा कि 1948 में यदि जनरल के कहने पर 48 घंटे सेना को दिए गए होते तो आज सारा का सारा कश्मीर भारत का होता, लेकिन पंडित नेहरू ने सीजफायर करवाया और यूएनओ से कश्मीर वापस लेने की बात कही, जबकि आज तक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस नहीं लिया जा सका है।
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देशवासी उस गलती को आज तक भुगत रहे हैं। धूमल बचत भवन हमीरपुर में कारगिल विजय दिवस समारोह में उपस्थित पूर्व सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सारा देश आज कारगिल युद्ध के वीर शहीदों की कुर्बानी को याद कर नमन कर रहा है।

धूमल ने कहा कि 1962 में यदि चीन पर विश्वास नहीं करते तो आज चीन की हिम्मत नहीं होती वो दोकलाम के अंदर आकर भारत को धमकाता। देश के रक्षा मंत्री ने चीन से ठीक ही कहा है कि भारत अब 1962 वाला नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला भारत है।
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उन्होंने कहा 1965 में देश में नेतृत्व अच्छा था, लेकिन बाहरी दबाव के कारण लाल बहादुर शास्त्री ताशकंद में समझौते के लिए मान गए, लेकिन वह वापस जिंदा नहीं लौटे। जो सेनाओं ने कुर्बानी देकर सरहद पर जीता था, उसे टेबल पर जाकर छोड़ना पड़ा।

1971 के ऐतिहासिक युद्ध में पकिस्तान के दो टुकड़े कर 93 हजार युद्ध बंदी बना लिए गए। लेकिन टेबल पर हम फिर हार गए। इसके विपरीत 1999 के कारगिल युद्ध में अमेरिकी दबाव को दरकिनार कर अटल ने कहा कि देश की धरती से एक-एक दुश्मन को खदेड़ने के बाद ही बात होगी। ऐसे ही दृढ़ निश्चयी नेतृत्व से कारगिल युद्ध में जीत मिली।

हिमाचल आए अटल ने मानी थी रोहतांग टनल की मांग
धूमल ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद अटल हिमाचल आए और हमारी बात को स्वीकार कर रोहतांग टनल का सपना संजोया था। वो सपना जल्द साकार होने जा रहा है।

धूमल ने कहा कि 2014 में लोकसभा चुनाव के लिए जब चुनाव घोषणा पत्र बन रहा था तो पार्टी हाई कमान ने उनसे भी सुझाव लिया था। उन्होंने वन रेंक वन पेंशन की बात कही थी। 1990 में लोकसभा में पहली बार वन रैंक वन पेंशन का सुझाव उन्होंने ही दिया था। आज वन रेंक वन पेंशन लागू हुआ है।
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