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किसान सम्मान निधि में ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा, ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों ने कागजों में छिपाई थी जानकारी

Mon, 14 Dec 2020 02:21 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
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सांकेतिक तस्वीर
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किसान सम्मान निधि हड़पने के लिए ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों और आयकर दाताओं ने दस्तावेजों में ही अपनी जानकारी छिपाई थी। साल में दो हजार रुपये की तीन किस्तें लेने के लिए उन्होंने यह फर्जीवाड़ा किया। इस फर्जीवाड़े की शुरुआत पंचायत और पटवारी के स्तर से हुई। ज्यादातर ने गलत तरीके से कागजात भरे और खुद के सरकारी कर्मचारी या आयकरदाता होने जानकारी छिपाई। 

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जब यह योजना शुरू हुई तो केंद्र सरकार के नियम थे कि हर कोई इस योजना का लाभ नहीं ले सकता है।

इसमें सेवारत सरकारी कर्मियों, सेवानिवृत्त, मंत्री, नेता योजना के दायरे से बाहर थे। साथ ही इनकम टैक्स भरने वालों व्यक्ति को भी योजना का लाभ नहीं मिल सकता था। अब आयकर विभाग की इस फर्जीवाड़े पर नजर पड़ी और उन्होंने इसका पर्दाफाश किया।  कांगड़ा जिले के कुछ पटवारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस योजना में लोगों ने अपनी जानकारी छिपाकर गलत तरीके के पंजीकरण कर दिया था। उस समय आवेदन ज्यादा होने के कारण उन लोगों की असल पहचान नहीं की गई थी। उस समय सरकार के नियम अलग थे और अब अलग हैं।

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अपात्र लाभार्थियों को रिकवरी नोटिस

वहीं, ऊना में सरकारी कर्मचारियों और आयकर दाताओं के किसान सम्मान निधि के करोड़ों रुपये डकारने के मामले में सरकार हरकत में आ गई है। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जिला प्रशासन और एसडीएम को अलर्ट कर दिया है। साथ ही अपात्र लाभार्थियों से किसान सम्मान निधि की राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला ने अपात्र व्यक्तियों के किसान सम्मान निधि की राशि डकारने के मामले को प्रमुखता से उठाया था।गौरतलब है कि ऊना जिले में अपात्र लाभार्थियों ने 1.30 करोड़, जिला कांगड़ा में ढाई करोड़ और मंडी जिले में दो करोड़ रुपये की राशि डकार ली है। हालांकि, इस मामले में अंदरखाते रिकवरी की जा रही थी, लेकिन अमर उजाला के मामला उठाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने रिकवरी का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है।

कुछ लोगों ने योजना का लाभ लेने को ऑनलाइन आवेदन किया था। इसकी बाद में वेरिफिकेशन कराई गई तथा अपात्रों की संख्या का पता लगाया गया है। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुछ अपात्र व्यक्तियों ने योजना का लाभ लिया है। मामला विभाग के संज्ञान में है। अपात्र लाभार्थियों की सूची जिले के सभी एसडीएम के साथ साझा की गई है। अपात्रों को रिकवरी नोटिस भेजे गए हैं। जिला मुख्यालय से एसडीएम डॉ. सुरेश जसवाल ने कहा कि सरकारी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन किया जाएगा। अपात्र लाभार्थियों से सरकार का पैसा वापस लिया जाएगा।
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