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किन्नौर निगुलसरी भूस्खलन: तीसरे दिन तीन और शव निकाले, 13 लापता अभी भी लापता

Fri, 13 Aug 2021 08:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, भावानगर (किन्नौर)

सार

घटनास्थल पर पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दोपहर बाद 4:38 बजे हाईवे से से गुजर रही एचआरटीसी की बस पर पत्थर गिरने से महिला और युवक यात्री घायल हो गए हैं। 
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घटनास्थल पर जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के  किन्नौर जिले में एनएच-5 पर निगुलसरी के पास पहाड़ टूटने के हादसे के तीसरे दिन शुक्रवार को तीन और शवों को निकाल लिया गया है। मृतकों की संख्या अब 17 पहुंच गई है। हादसे का शिकार हुई एचआरटीसी बस के 13 यात्री अब भी लापता हैं। घटनास्थल पर पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दोपहर बाद 4:38 बजे हाईवे से से गुजर रही एचआरटीसी की बस पर पत्थर गिरने से महिला और युवक यात्री घायल हो गए हैं। 

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घायलों को भावानगर स्वास्थ्य केंद्र में उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया है। सर्च ऑपरेशन में शामिल खोजी कुत्ता भी पत्थर गिरने से घायल हुआ है। हाईवे को फिलहाल आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। लापता लोगों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन अब शनिवार सुबह फिर शुरू किया जाएगा। शुक्रवार तड़के 4:00 बजे सर्च ऑपरेशन किया गया। इस दौरान शिमला से मंगवाए गए खोजी कुत्तों का भी सहारा लिया गया।

पत्थरों और मिट्टी के बीच दबे लोगों को खोजने के लिए जिला प्रशासन ने खुदाई मशीन को लगाया है। 200 मीटर खड़ी चढ़ाई पर सड़क बनाकर दोनों तरफ से लापता लोगों को खोजा जा रहा है। सर्च अभियान में जुटीं टीमों के लिए सतलुज जल विद्युत निगम खाने-पीने की व्यवस्था कर रहा है। लापता लोगों के परिजनों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है। उधर, शाम करीब साढ़े चार बजे पहाड़ी से फिर पत्थर गिरने के बाद बचाव अभियान बंद कर दिया गया। अब शनिवार सुबह फिर शुरू किया जाएगा। 

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शिनाख्त के लिए शव आते ही बढ़ रहीं धड़कनें, छलक रहे आंसू 

किन्नौर के निगुलसरी में भयावह भूस्खलन के बाद तीन दिनों से 16 लोग मलबे में दबे हुए हैं। उनके परिजन अच्छी सूचना के इंतजार में भूखे-प्यासे भावानगर अस्पताल के बाहर ही डटे हुए हैं। शुक्रवार को जैसे ही दो शवों के मिलने की सूचना मिली तो अधिकतर लापता लोगों के परिजन अस्पताल के बाहर पहुंच गए। जैसे ही शव आ रहे हैं शिनाख्त के लिए उनकी धड़कनें बढ़ जाती हैं। आंखों से निरंतर आंसू बहना शुरू हो जाते हैं। हर कोई मलबे से सकुशल निकलने की दुआएं कर रहा है। हालांकि, हादसे के दिन बढ़ने के साथ धीरे-धीरे लोगों की उम्मीद टूट रही है। शुक्रवार को अपनों से मिलने की उम्मीद में परिजन हादसास्थल पर भी डटे रहे। अभी भी लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि इस तरह के हादसे में अपनों को खो चुके हैं।

तीसरे दिन भी मलबे में दबे लोगों की उम्मीद में परिजन सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम तक अस्पताल के बाहर बैठे रहे। जब भी कोई शव अस्पताल में पहुंचता तभी दौड़कर शिनाख्त करने पहुंचते रहे। कई बार शव की पहचान न होने पर मायूस होकर लौट रहे हैं। इस दौरान लापता लोगों के परिजनों को व्यापार मंडल के सदस्यों ने फल बांटे और उनके दुखदर्द में शामिल हुए। मलबे में दबे शव क्षत विक्षत होने पर कई बार उनकी पहचान करना प्रशासन के लिए मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को मिले दो शवों में से एक नेपाल मूल के व्यक्ति का है, जबकि दूसरे की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। उधर, एसपी किन्नौर एसआर राणा ने बताया कि अभी तक बचाव दलों को दो शव बरामद हुए हैं। दोनों का पोस्टमार्टम करने के लिए सीएचसी भावानगर में भेज दिया है।

 
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खड़ामुख-होली सड़क पर 10 घंटे ठप रहा यातायात

उधर, चंबा में  खड़ामुख-होली सड़क पर शुक्रवार को करीब दस घंटे यातायात ठप रहा। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुहाग नामक स्थान पर गुरुवार देररात दो बजे पहाड़ दरक गया था, जिससे बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर गिर गई थीं। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंची और मार्ग को बहाल करने के प्रयास शुरू किए गए। सड़क बंद होने से चंबा से होली की तरफ जाने वाली बसें होली मुख्यालय नहीं पहुंच पाई। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब बारह बजे मार्ग यातायात के लिए बहाल हो सका।

 यात्रियों रमेश कुमार, दिलीप सिंह, सुनील कुमार, भीमसेन, राज कुमार आदि का कहना है कि भारी बारिश के कारण अब पहाड़ दरक रहे हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गत दिनों भी पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई थी। बहरहाल, लोक निर्माण विभाग ने एडवायजरी जारी की है कि भूस्खलन ग्रसित क्षेत्रों से आवाजाही करते समय चालक सावधानी बरतें। खराब मौसम के दौरान इन क्षेत्रों से आवाजाही करने से परहेज करें। लोक निर्माण विभाग भरमौर के अधिशासी अभियंता संदीप महाजन का कहना है कि गुरुवार देर रात भूस्खलन होने के कारण मार्ग बाधित हुआ था। उन्होंने कहा कि शुक्रवार दोपहर बारह बजे मार्ग को बहाल कर दिया गया।
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