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Rajbhasha Award: शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने प्रदान किए राजभाषा पुरस्कार, गेयटी में हुआ कार्यक्रम

Wed, 14 Sep 2022 10:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्य स्तरीय राजभाषा पुरस्कार में सचिवालय स्तर पर अधिकारी वर्ग में सहकारिता विभाग से खेम राज शर्मा अधीक्षक को प्रथम, लोक निर्माण विभाग से सुशील शर्मा अनुभाग अधिकारी को द्वितीय और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग से कमलजीत सिंह अधीक्षक को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
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मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्ष 2022 के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से बुधवार को गेयटी थियेटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में  शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पुरस्कार बांटे। राज्य स्तरीय राजभाषा पुरस्कार में सचिवालय स्तर पर अधिकारी वर्ग में सहकारिता विभाग से खेम राज शर्मा अधीक्षक को प्रथम, लोक निर्माण विभाग से सुशील शर्मा अनुभाग अधिकारी को द्वितीय और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग से कमलजीत सिंह अधीक्षक को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कर्मचारी वर्ग में डॉ. जगजीवन शर्मा प्रथम, चेतन शर्मा और सतवीर सिंह द्वितीय तथा प्रदीप कंवर को तृतीय पुरस्कार दिया गया। निदेशालय स्तर पर अधिकारी वर्ग में सत्या चौहान, मनजीत भाटिया को प्रथम, वीरेंद्र शर्मा को द्वितीय और विनोद कुमार को तृतीय, कर्मचारी वर्ग में अजय, संजय कुमार को प्रथम, बिशन सिंह जितेंद्र कुमार को द्वितीय तथा उमा ठाकुर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। बोर्ड, निगम, आयोग, विश्वविद्यालय स्तर पर अधिकारी वर्ग में प्रेम शर्मा प्रथम, अशोक कुमार द्वितीय और पन्ना लाल शर्मा को तृतीय, कर्मचारी वर्ग में मीना को प्रथम जगदीश सांवत को द्वितीय पुरस्कार दिया।  

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जिला स्तर पर लोक संपर्क अधिकारी संजय सूद को उत्कृष्ट अधिकारी, सुरत घिंटा और रेखा शर्मा को क्रमश: प्रथम और द्वितीय, किन्नौर से जयवंती ठाकुर उत्कृष्ट अधिकारी, कृष्ण लीला और विकास क्रमश: प्रथम और द्वितीय पुरस्कार से नवाजे गए। जिला सिरमौर से ओम प्रकाश उत्कृष्ट अधिकारी तथा बबीता चौहान और विक्रम सिंह क्रमश: प्रथम और द्वितीय रहे। सोलन जिला से राकेश कुमार उत्कृष्ट अधिकारी तथा शहजाद बेग और राकेश वर्मा को क्रमश: प्रथम और द्वितीय, जिला चंबा से अरविंद चौहान उत्कृष्ट अधिकारी तथा दुर्गी देवी और लाल चंद क्रमश: प्रथम और द्वितीय, जिला ऊना से विकास सकलानी उत्कृष्ट अधिकारी तथा अजय कुमार और राकेश कुमार क्रमश: प्रथम और द्वितीय, जिला कांगड़ा से अनिल धीमान उत्कृष्ट अधिकारी रणवीर सिंह और करनैल सिंह क्रमश: प्रथम और द्वितीय, जिला हमीरपुर से हरबंस सिंह उत्कृष्ट अधिकारी तथा सुभाष चंद और मनोज डोगरा क्रमश: प्रथम और द्वितीय, बिलासपुर से उर्वशी वालिया उत्कृष्ट अधिकारी तथा केवल कृष्ण और पवन कुमार क्रमश: प्रथम और द्वितीय, मंडी से नीरज कुमार उत्कृष्ट अधिकारी तथा अश्वनी कुमार और गंगाराम क्रमश: प्रथम और द्वितीय, कुल्लू जिला से शिवराम उत्कृष्ट अधिकारी तथा डिंपल कुमार और राजेश क्रमश: प्रथम और द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए।

सचिवालय स्तर पर कार्यालय में उत्कृष्ट हिंदी कार्य करने के लिए सरोज नेगी प्रथम तथा प्रवीण कुमार को द्वितीय, निदेशालय स्तर पर प्रभा राजीव प्रथम, सत्या चौहान और डीसी नेगी को द्वितीय तथा सतीश शर्मा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता में भाषण प्रतियोगिता में नाहन की करिश्मा प्रथम, धर्मपुर की प्रतीक्षा द्वितीय, सोलन के रोहित व वानिकी विश्वविद्यालय नौणी की सुमिता को तृतीय, निबंध प्रतियोगिता में सोलन की मीनाक्षी प्रथम, मंडी के उमेश शर्मा द्वितीय, नाहन की मनीषा चौहान को तृतीय, कविता लेखन में हिमाचल विश्वविद्यालय की शशि किरण प्रथम, हरिपुर मनाली की आंचल द्वितीय, पझौता सिरमौर की तमन्ना ठाकुर को तृतीय पुरस्कार दिया। 

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केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान में हिंदी पखवाड़ा शुरू

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला में बुधवार को को हिंदी पखवाड़ा शुरू हुआ। इसमें मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की प्राध्यापक डॉ. शोभा रानी थीं। समारोह की अध्यक्षता संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिह्न दिया। प्रभारी राजभाषा राजदीप ने राजभाषा हिंदी से संबंधित किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कहा कि राजभाषा हिंदी को भारत की निर्मात्री सभा ने 14 सितंबर, 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में मान्यता दी। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू होने के साथ संविधान की धारा 343 के अनुसार हिंदी भारत संघ की राजभाषा बनी। 

निदेशक ने मुख्य अतिथि को संस्थान के बारे में जानकारी दी और संस्थान में चल रहे शोध कार्यों एवं राजभाषा के प्रयोग से संबंधित उपलब्धियों की जानकारी दी। कहा कि एक वैज्ञानिक शोध संस्थान होने के बावजूद हिंदी में बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। पिछले कई वर्षों से राजभाषा से संबंधित पुरस्कार भी प्राप्त होते रहे हैं। डॉ. शोभा रानी ने हिंदी दिवस पर अपना वक्तव्य दिया। कहा कि स्वामी विवेकानंद सभी भाषाओं का आदर करने की बात कहते थे। समारोह के अंत में पूनम सूद, नरेश चंद शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। 
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