वर्ष 1981 में राजकीय स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज से स्नातक की। अब जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। वर्ष 1984 तक हिसार जिला कोर्ट में वकालत करते रहे और इसके बाद साल 1985 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत करने लगे।
जस्टिस सूर्यकांत सांविधानिक, सर्विस और सिविल मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। 7 जुलाई, 2000 को युवा महाधिवक्ता बनने का गौरव भी हासिल किया। मार्च, 2001 को वरिष्ठ वकील घोषित हुए।
9 जनवरी, 2004 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के स्थायी जज बनने तक एडवोकेट जनरल पद पर रहे। इसके बाद 23 फरवरी, 2007 से 22 फरवरी, 2011 तक दो बार राष्ट्रीय लीगल सर्विस प्राधिकरण के सदस्य मनोनीत हुए।