पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। उन्हें सेब चुनाव चिह्न मिला है। चेतन ने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को चुनौती दी है। चेतन बरागटा ने कहा कि मुझ पर बहुत दबाव था, पर मैं किसी के दबाव में नहीं आया। आखिर इसमें जुब्बल-कोटखाई की जनता के प्रेशर की जीत हुई है। सबकुछ दांव पर लगाकर इसलिए चुनाव लड़ रहा हूं कि जुब्बल-कोटखाई की जनता ने मुझे आदेश दिया है कि मुझे चुनाव लड़ना है। भाजपा के लोगों के उन्हें बहुत फोन आते रहे।
बुधवार को नामांकन वापस लिए जाने थे। भाजपा नेताओं की ओर से चेतन बरागटा से संपर्क किया जाता रहा, पर उन्होंने मंगलवार शाम से लेकर अपना फोन नहीं उठाया। भारद्वाज की तरफ से की गई टिप्पणी पर चेतन बरागटा ने कहा कि मान-सम्मान जनता देती है। जनता के आशीर्वाद से ही वह चुनाव लड़ रहे हैं। भारद्वाज के बयान पर उन्हें कोई टिप्पणी को नहीं करनी है। चेतन बरागटा ने कहा कि उन्हें सेब चुनाव चिह्न मिला है।
यही चिह्न उनका बेड़ा पार लगाएगा, उनके पिता नरेंद्र बरागटा सारी उम्र सेब की लड़ाई लड़ते रहे। बरागटा ने कहा कि वह छह बजे महासू से निकले, उसके बाद दरकोटी पंचायत गए। फिर नीलम के गांव कोटी पहुंचे। वह कहीं लापता नहीं थे। जहां वह दरकोटी पंचायत में थे, वहां सिग्नल नहीं होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगों को लगा होगा कि वह कहीं लापता हो गए हैं या गायब हो गए हैं। सुबह से लेकर वह लोगों से संपर्क में थे।