जुब्बल की उपतहसील सरस्वती नगर के भड़ोट गांव में मंगलवार रात को गड्ढे में फंसने से 442 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। डोडरा क्वार के भेड़पालकों की टोली मैदानी क्षेत्रों की ओर जा रही थी। इसी स्थान पर करीब एक सप्ताह पहले 57 भेड़-बकरियों की मौत हो चुकी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित 21 भेड़ पालकों को फौरी राहत के तौर पर एक लाख रुपये की सहायता दी गई है।
रात करीब बारह बजे डोडरा क्वार के भेड़पालक मवेशियों को लेकर मैदानी क्षेत्र की ओर जा रहे थे। भड़ोट गांव के पास सड़क किनारे एक गड्ढा है। इसका का एक सिरा बंद था। भेड़-बकरियों का झुंड इस गड्ढे में घुसता रहा। जब सैकड़ों भेड़-बकरियां गड्ढे में फंसी तो तो उनके ऊपर पीछे से हजारों भेड़-बकरियां निकल गईं। इससे कई भेड़ बकरियों की दम घुटने से मौत हो गई।
सूचना के बाद प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार सरस्वती नगर भीम सिंह नेगी, कानूनगो हरिंद्र सिंह रांगटा मौके पर पंहुचे। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करवाया है। एसडीएम रोहडू सुरेंद्र ठाकुर ने हादसे पुष्टि की है। उन्होंने कहा भेड़पालकों को फौरी राहत के तौर पर एक लाख रुपये की राशि जारी की गई है। घटना में 21 भेड़पालकों को नुकसान हुआ है।
प्रभावितों की हर संभव की जाएंगी मदद : डीसी
जुब्बल की उपतहसील सरस्वती नगर के भड़ोट गांव के समीप भेड़-बकरियों के नाले में गिरने से हुई मौत पर भेड़पालकों को जिला प्रशासन ने फौरी राहत जारी की है। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि दस प्रभावित भेड़-बकरी पालकों को एक लाख रुपये की राशि फौरी राहत के तौर पर प्रदान की गई है।
इसमें हरिंद्र सिंह सुपुत्र त्रिलोक सिंह, जोगिंद्र सिंह सुपुत्र रत्न सिंह, राजपाल सुपुत्र प्रेमचंद, उस्ताद सुपुत्र सरणदास, नंदलाल सुपुत्र गिना सिंह, कमाल चंद सुपुत्र पितांबर, मणतेश सुपुत्र नेपाल सिंह, चमन सुपुत्र केलु राम, विनोद कुमार सुपुत्र हीरा सिंह तथा जगदीश सुपुत्र चंद्र सिंह शामिल है।