उपचुनाव की सबसे हॉट सीट बन चुकी जुब्बल-कोटखाई में भाजपा के ही हर दांव से पार्टी से बागी चेतन बरागटा भगवा ब्रिगेड को पटकनी देने में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया से लेकर रैलियों की भीड़, सियासी उठापटक और भगवा पटका तक भाजपा की कमान के हथियार माने जाते थे। इन्हीं के बल पर भाजपा विपक्षियों पर भारी पड़ती थी। लेकिन प्रत्याशी के नाम के एलान के बाद से चेतन हर वह दांव चल रहे हैं, जो भाजपा के कमल के फूल की राह का रोड़ा बन रहा है।
भाजपा के प्रदेश आईटी संयोजक रहे चेतन बरागटा इस समय सोशल मीडिया पर पूरी तरह छाए हुए हैं। भाजपा के खिलाफ टीम चेतन भगवा झंडे और पटकों का सेब का प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। चेतन रैलियां भी ताबड़तोड़ कर रहे हैं। आम तौर पर चुनावों में भाजपा दूसरे दलों से लोगों को तोड़कर सियासी दांव-पेच करती दिखती थी लेकिन चेतन ने भाजपा की पूरी टीम तोड़कर उसे बैकफुट पर ला दिया है। वीरभद्र सिंह के निधन के बाद भाजपा ने उन्हें भी हाईजैक करने की कोशिश की लेकिन चुनाव में अब चेतन वीरभद्र के नाम के नारे लगाकर कभी रोहड़ू का हिस्सा रहे नावर क्षेत्र के लोगों में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
जाहिर है, भाजपा के पास जिन चीजों की महारत थी, आज की तारीख में उनका ही एक पुराना महारथी उन्हीं दांव-पेच को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर चित करने में जुटा हुआ है। फिलहाल भाजपा के आला नेता क्षेत्र में संगठन को फिर से खड़ा करने में जुटे हुए हैं। देखना यह है कि कब तक भाजपा फिर से अपने पैरों पर खड़ी होती है और अपने प्रचार को तेज कर सियासी संग्राम में वापसी करती है।