उपमंडल बंजार के ग्राहों सड़क हादसे में 200 मीटर गहरी खाई में मृतक जेसीबी ऑपरेटर और कामगारों के शव घंटों तक फंसे रहे। इन्हें ग्रामीणों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद नाले तक पहुंचाया। अपने पेट में रस्सी बांधकर पुलिस जवान खाई में उतरे और शवों को रस्सी से बांधकर नाले में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यहां से शव स्ट्रेचर पर सड़क तक पहुंचाए गए। यह अभियान घंटों तक चला। हादसे को मोहनी के देवेंद्र सिंह ने अपनी आंखों से देखा। देवेंद्र ने हादसे की जानकारी पुलिस और लोगों को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। पहले घायलों को खाई से निकाला गया। इसके बाद पुलिस के साथ अभियान को अंजाम दिया। अगर देवेंद्र ग्रामीणों और पुलिस को समय पर घटना की जानकारी नहीं देते तो समय पर उपचार न मिलने से अन्य घायलों की मौत भी हो सकती थी।
पहाड़ी में नहीं फंसते तो बच सकती थी जान
हादसे में जो कामगार घायल हुए हैं, वे सड़क से कुछ मीटर नीचे जेसीबी से गिर गए थे। इस कारण उनकी जान बच गई है। जो कामगार मशीन के भीतर थे, वह जेसीबी के नीचे चले गए और एक पहाड़ी के बीच फंस रहे। इससे उनकी मौत हो गई। हादसे में मृतक सभी कामगारों की उम्र 50 साल से ऊपर है। हादसे की सूचना के बाद मृतकों के परिवार रोते-बिलखते रहे हैं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई।