जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ और संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रशिक्षुओं ने आक्रोश रैलियां निकालीं। प्रदेश के सभी 12 सरकारी जेबीटी प्रशिक्षण संस्थानों सहित कई निजी संस्थानों में विरोध स्वरूप कक्षाओं का बहिष्कार किया गया।
हिमाचल हाईकोर्ट की ओर से जेबीटी भर्ती में बीएड डिग्री धारकों को भी पात्र बनाने के फैसले के खिलाफ शनिवार को जेबीटी प्रशिक्षुओं ने प्रदेश भर में कक्षाओं का बहिष्कार किया। फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशिक्षकों ने सरकार से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने हमारा साथ नहीं दिया तो राज्य सचिवालय और विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन
जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ और संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रशिक्षुओं ने आक्रोश रैलियां निकालीं। प्रदेश के सभी 12 सरकारी जेबीटी प्रशिक्षण संस्थानों सहित कई निजी संस्थानों में विरोध स्वरूप कक्षाओं का बहिष्कार किया गया। जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना है कि यदि पहली से पांचवीं कक्षा तक की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए बीएड डिग्री धारक भी योग्य हैं तो प्रदेश में डाइट में जेबीटी प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग क्यों दी जा रही है।
यदि बीएड डिग्री धारकों को प्राथमिक कक्षाओं में भर्ती करना है तो प्रदेश के सभी डाइट को बंद कर देना चाहिए। सोलन में प्रशिक्षुओं ने उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। प्रशिक्षुओं ने कहा कि सरकार को वर्तमान भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही जेबीटी भर्ती करनी चाहिए। हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
शिमला के डाइट के बाहर भी प्रशिक्षुओं ने हल्ला बोला। प्रशिक्षुओं का कहना है कि जब तक सरकार मांगें पूरा नहीं करेगी, तब तक कोई भी प्रशिक्षु कक्षाएं नहीं लगाएगा। वार्षिक परीक्षाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा।