उधर, जयराम सरकार कॉलेजों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने पर भी फैसला नहीं ले पा रही है। कितने विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे, यह भी तय नहीं हो पाया है। भाजपा ने चुनावी दृष्टिपत्र में फर्स्ट डिविजन में पास होने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है।
उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकार से मंजूरी के बाद ही इस मामले पर कदम उठाए जाएंगे। सरकार को स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को लैपटॉप देने के लिए बजट प्रावधान का ब्योरा भेजा है।
जयराम सरकार भले ही अभी यह तय नहीं कर पाई है विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने हैं या नहीं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लैपटॉप से फोटो बदलने में सरकार ने मुस्तैदी दिखाई थी।
प्रदेश में नई सरकार बनते ही जनवरी में शिक्षा विभाग ने सत्र 2016-17 के मेधावियों को दिए जा रहे लैपटॉप के वितरण पर रोक लगा दी थी। लैपटॉप के ऑन होते ही उसमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो आ रही थी। इसे हटाकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की फोटो लगाने के बाद ही विभाग ने वितरण किया था।