आयोग ने श्रमायुक्त के ध्यान में लेबर इंस्पेक्टर के स्थानांतरण के बाद ठीक से चार्ज दूसरे श्रम निरीक्षक का ठीक से नहीं देने का मामला भी उठाया। आयोग ने श्रम अधिकारी सोलन को इस रिकॉर्ड को ट्रेस का आवेदक को सूचना देने के भी आदेश दिए।
साथ ही कहा कि आरटीआई एक्ट का उद्देश्य सूचना में पारदर्शिता लाना है, बल्कि पब्लिक अथॉरिटी को प्रशासन के लिए जवाबदेह बनाना भी है। इन तमाम निर्देशों के साथ दूसरी अपील को डिस्पोज ऑफ किया जाता है।
आयोग ने सहायक जनसूचना अधिकारी यानी श्रम निरीक्षक को भविष्य में आरटीआई की सूचनाएं देते समय सतर्क रहने के आदेश दिए। साथ ही कहा कि 30 दिन के भीतर सूचना न देने में गलती करना सही नहीं है।