ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में सूबे के 300 अधिकारी बतौर लाइजनिंग ऑफिसर सेवाएं देंगे। वीरवार को धर्मशाला कॉलेज के त्रिगर्त सभागार में इन्वेस्टर मीट में लाइलनिंग ऑफिसरों की प्रशिक्षण कार्यशाला होगी। प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता मंडलायुक्त कांगड़ा संदीप भटनागर व उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति करेंगे।
300 लाइजनिंग ऑफिसरों में एसडीएम, पीओ डीआरडीए, तहसीलदार, बीडीओ, नायब तहसीलदार स्तर तक के अधिकारी सेवाएं देंगे। कार्यशाला में कांगड़ा के अलावा मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा जिले के अधिकारी भाग लेंगे। एडीसी कांगड़ा राघव शर्मा, एडीएम मस्तराम भारद्वाज भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उधर, उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि लाइजनिंग ऑफिसरों की प्रशिक्षण कार्यशाला में इन्वेस्टर मीट के पूरा खाका अधिकारियों को समझाया जाएगा।
छह करोड़ से बन रहे हैं पंडाल
इन्वेस्टर मीट के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान (पुलिस ग्राउंड) धर्मशाला में छोटे-बड़े नौ पंडाल बन रहे हैं। इनके निर्माण पर लगभग छह करोड़ की राशि खर्च होना प्रस्तावित है। सभी पंडाल वातानुकूलित होंगे।
हिमाचली उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को प्रदेश सरकार बढ़ावा देगी। प्रदेश में बने माल की देश और विदेश में बिक्री बढ़ाने की यह कवायद मानी जा रही है। हिमाचली माल को लोकप्रिय बढ़ाने को एक लाख तक उपदान देने की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार निवेशकों को पोर्टल विकसित करने के लिए भी वित्तीय मदद प्रदान करेगी।
ताकि ऑनलाइन माल मंगाने वालों को अधिक से अधिक आकर्षित किया जा सके। प्रदेश में हस्तशिल्प और हथकरघा से लाखों लोग जुड़े हुए हैं और हर साल करोड़ों का माल तैयार किया जाता है। ग्रामीणों के तैयार माल को व्यवस्थित बाजार उपलब्ध नहीं हो पाया है। हिमाचली माल की मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए सरकार ऑनलाइन बिक्री के लिए निवेशकों को पोर्टल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ऑनलाइन बिक्री पर 50 फीसदी कमीशन का भुगतान
ऑनलाइन बिक्री पर कमीशन का पचास फीसदी भुगतान निवेशक को किया जाएगा। यह वित्तीय लाभ कंपनी और पोर्टल के संचालकों को अधिकतम एक लाख की राशि पर दिया जाएगा। निवेशक माल की बिक्री अपने पोर्टल और वेबसाइट पर करता है तो उनको लॉजिस्टिक, परिवहन के कुल खर्चे की साठ फीसदी राशि का भुगतान किया जाएगा।
हिमाचली शॉल और चंबा रुमाल की है मांग
देश विदेश में हिमाचली शाल, चंबा रुमाल और कांगड़ा पेंटिंग की मांग देश और विदेशों में रहती है। इसके अलावा ऊना वस्तु, काष्ठ कला की वस्तुएं, फलों, मेवे आदि की मांग भी काफी रहती है। हिमाचली उत्पादों की विपणन व्यवस्था कमजोर होने के कारण विदेशों में हिमाचली माल पहुंचाने में दिक्कत रहती है। इस कारण से सरकार ऑनलाइन सेल पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया है।
ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के बाद भी अगर कोई अपनी निजी भूमि निवेशकों को देना चाहता है तो उद्योग विभाग को अपनी निजी भूमि की डिटेल भेज सकता है। धर्मशाला में सात-आठ नवंबर को प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट के लिए उद्योग विभाग ने हिमाचल में पहली बार निजी भूमि का लैंड बैंक बनाने की दिशा में प्रयास किया है।
अभी तक सूबे के 253 लोगों ने अपनी निजी भूमि को लीज या सेल करने की हामी भरी है, ताकि निवेशक उस भूमि पर उद्योग स्थापित कर सकें। उधर, ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए उद्योग विभाग के नोडल अधिकारी अनिल ठाकुर ने कहा कि निजी भूमि पर उद्योग लगाने के लिए जमीन देने के लिए पोर्टल खुला है। कोई भी निजी भूमि की डिटेल पोर्टल में अपलोड कर सकता है। पोर्टल इन्वेस्टर मीट के बाद भी खुला रहेगा।
शिमला के सबसे ज्यादा लोगों ने किए आवेदन
अपनी निजी भूमि पर उद्योग लगाने के लिए शिमला जिले के सबसे ज्यादा लोगों ने आवेदन किए हैं। शिमला के 56, ऊना के 26, सोलन के 37, सिरमौर के 24, मंडी के 22, कुल्लू के 16, कांगड़ा के 36, हमीरपुर के आठ और बिलासपुर के 28 लोगों ने निजी भूमि पर उद्योग लगाने के लिए भूमि सेल या लीज पर देने के लिए उद्योग विभाग ऑनलाइन आवेदन किया है।
इन्वेस्टर मीट में ट्रैफिक संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
धर्मशाला में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस प्रशासन का इम्तिहान लेगी। प्रदेश सरकार ने 1250 से अधिक कमरे विभिन्न निजी और सरकारी होटलों में किराये पर लिए हैं। इन कमरों के हिसाब से सैकड़ों की तादाद में अधिकारी और उनके साथ वाहन जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। पर्यटन सीजन के दौरान ही धर्मशाला और पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज वाहनों के बोझ से पूरी तरह जाम हो जाती है।
सैकड़ों की तादाद में यहां पहुंचने वाले वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य आला अधिकारियों के काफिलों से धर्मशाला से मैक्लोडगंज तक वाहनों के जाम को रोकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि पुलिस विभाग पहली नवंबर से वन-वे प्रणाली जारी करने जा रहा है, लेकिन यह ट्रैफिक व्यवस्था पहले भी हांफ चुकी है।
पुलिस विभाग ने इन्वेस्टर मीट के दौरान यहां आने वाले वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मांगा है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर मीट को ध्यान में रखते हुए यातायात को सुदृढ़ बनाने, वीवीआईपी व वीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग ने अतिरिक्त पुलिस जवानों की मांग की है। पुलिस सबसे ज्यादा जवानों की ड्यूटी ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में लगाएगी।