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केसीसी बैंक लोन गड़बड़झाले में अभियोजन मंजूरी पर फंसा पेच

Thu, 31 Oct 2019 10:29 AM IST
अरविन्द ठाकुर धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
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कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (फाइल फोटो)
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कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) में हुए कथित लोन गड़बड़झाले में बैंक अधिकारियों पर मुकदमा शुरू करने में पेच फंस गया है। राज्य सचिवालय के एक प्रमुख अधिकारी और विजिलेंस ब्यूरो में ठन गई है। अधिकारी ने प्रदेश सरकार की ओर से विजिलेंस ब्यूरो को अभियोजन मंजूरी देने से मना कर दिया है। 

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विजिलेंस ब्यूरो ने सरकार को पत्र लिखकर बैंक अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश करने और केस चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विजिलेंस को पत्र भेजकर कहा है कि इस बैंक पर भ्रष्टाचार रोधी एक्ट लागू नहीं होता है। दूसरी ओर विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि यह निजी बैंक नहीं है। इस बैंक में जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है। ऐसे में इस एक्ट के तहत अभियोजन मंजूरी दी जा सकती है। विजिलेंस के तर्क के चलते अब प्रदेश सरकार ने इस मसले में कानूनी सलाह के लिए विधि विभाग को भेज दिया है।

गौर हो कि बैंक में लोन वितरण और एनपीए में कई अनियमितताएं हुई हैं। ऐसे में जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले को विजिलेंस को सौंपा। अब विजिलेंस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि बैंक के कई अधिकारियों पर भी विजिलेंस की गाज गिरने वाली है।

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विजिलेंस उन ऋणधारकों पर भी नजर गड़ाए है, जिन्होंने बैंक से लाखों रुपये का ऋ ण लिया है। ऋ ण गड़बड़झाले में विजिलेंस ब्यूरो एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है, जो कांगड़ा और जिला ऊना से संबंधित हैं। 

विधानसभा में उठा था मामला 
बैंक में हुए गड़बड़झाले की प्रदेश विधानसभा में भी खूब चर्चा हुई है। प्रदेश भाजपा सरकार ने विधानसभा में भी स्पष्ट किया था कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में बैंक की ओर से लोन देने में गड़बड़ी हुई है। 
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