विजिलेंस उन ऋणधारकों पर भी नजर गड़ाए है, जिन्होंने बैंक से लाखों रुपये का ऋ ण लिया है। ऋ ण गड़बड़झाले में विजिलेंस ब्यूरो एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है, जो कांगड़ा और जिला ऊना से संबंधित हैं।
विधानसभा में उठा था मामला
बैंक में हुए गड़बड़झाले की प्रदेश विधानसभा में भी खूब चर्चा हुई है। प्रदेश भाजपा सरकार ने विधानसभा में भी स्पष्ट किया था कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में बैंक की ओर से लोन देने में गड़बड़ी हुई है।