लैब का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कसौली के सीआरआई में किया।
- फोटो : अमर उजाला
एंटी रेबीज और एंटी स्नेक सिरम का जन्मदाता कसौली अनुसंधान केंद्र (सीआरआई) में अब वैक्सीन का उत्पादन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) के मानकों के अनुरूप होगा। रविवार को बहु प्रतीक्षित सरकारी क्षेत्र में देश की पहली जीएमपी (गुड्स मैन्यूफेक्चरिंग लैब) का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कसौली के सीआरआई में किया।
लैब का निर्माण करीब पचास करोड़ की लागत से हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर कहा कि ऐतिहासिक कसौली सीआरआई का नाम सरकारी क्षेत्र में देश की पहली जीएमपी लैब होने के गौरव के साथ भी जुड़ गया है। सीआरआई ऐतिहासिक स्वास्थ्य संस्थान का 111 वर्षों पुराना इतिहास है।
संस्थान ने द्वितीय विश्व युद्ध में भी अपनी सेवाएं लार्ज स्केल पर प्रदान की थीं। 2008 में संस्थान ने कई उतार चढ़ाव देखे। लाइसेंस सस्पेंड होने तक की नौबत आई, लेकिन अब यह संस्थान फिर से स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है।
संस्थान ट्रेनिंग और रिसर्च का हब बनेगा तथा अकादमिक गतिविधियों को भी चलाया जाएगा। इस दौरान सांसद वीरेंद्र कश्यप, संयुक्त सचिव स्वास्थ्य सेवाएं भारत सरकार केएल शर्मा, उपमहानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं भारत सरकार डॉ. इंद्र प्रकाश मौजूद रहे।
वातावरण हम देंगे बेहतर दवाएं आप
स्वास्थ्य मंत्री ने संस्थान के निदेशक और वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि देश हित में दवाओं या वैक्सीन से संबंधित कोई नया प्रोजेक्ट लाएं। उस पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किया जाएगा।
कहा कि उपयुक्त वातावरण हम देंगे और बेहतर दवाएं आप। कहा कि निजी संस्थान के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी और उसके लिए उपकरण और कर्मचारियों की कमी को मंत्रालय दूर करेगा और बेहतर दवाइयां बनाकर आप देंगे।