समदो-काजा-ग्रांफू सड़क (फाइल फोटो)
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन शासित तिब्बत सीमा तक जाने वाली समदो-काजा-ग्रांफू सड़क का सर्वे पूरा कर लिया गया है। 205 किलोमीटर की इस सड़क को लोक निर्माण विभाग ने अपने अधीन ले लिया है। सेना के जवानों को आने-जाने में दिक्कत न हो, इसको लेकर सड़क पर पैचवर्क का काम शुरू कर दिया है। सरकार ने कुंजुम दर्रा के पास सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
अब सेना के जवान किन्नौर के बजाय सीधे कुंजुम होकर समदो जा सकेंगे। सड़क को चौड़ा करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। अगले महीने टेंडर आमंत्रित किया जाएगा। सड़क यातायात के लिए बाधित न हो, इसके लिए सरकार ने हमीरपुर, नारकंडा, एनएच से बॉर्डर रोड को दुरुस्त करने के लिए मशीनरियां भेज दी हैं। सरकार का मानना है कि ग्लेशियर और मलबा आने से सड़क यातायात के लिए बाधित होती है। इसके चलते मशीनरियों को मौके पर भेजा है।
सरकार सड़क दुरुस्त करने को लेबर भेज रही है। काजा से आगे अब बीआरओ की लेबर नहीं है। सरकार ने अपनी लेबर भेजनी शुरू कर दी है। नेशनल हाइवे के एसई दीपक राज ने बताया कि सड़क को दुरुस्त करने के लिए मशीनरी भेजनी शुरू कर दी है। कई मशीनरियां पहुंच गई हैं। कुंजुम दर्रे को बहाल कर दिया है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ भुवन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार इस सड़क को लेकर काफी गंभीर है। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।