पालमपुर का एक और बेटा भारतीय नौसेना में अधिकारी बना है। पालमपुर के शाश्वत सूद भारतीय नोसैना में सब लेफ्टिनेंट बने हैं। इससे परिवार और इलाके में खुशी की लहर है। शाश्वत ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल पालमपुर में की है। चंडीगढ़ के एलेन इंस्टीट्यूट से जमा दो की। उसके बाद जुलाई 2016 में एनडीए की परीक्षा पास कर खड़कवासला, पुणे और केरल में चार वर्ष तक ट्रेनिंग ली। अब शनिवार को केरल में हुई साधारण पासिंगआउट परेड में शाश्वत को भारतीय नौसेना में बतौर सब लेफ्टिनेंट नियुक्ति मिली।
वह पहली भारतीय नोसैना के मुख्यालय कोच्चि (केरल) में सेवाएं देंगे। कोरोना वायरस के चलते शाश्वत के परिजन पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके। शाश्वत के पिता इंजीनियर अशोक सूद कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता नीलम सूद पंजाब नेशनल बैंक पालमपुर में अधिकारी हैं। शाश्वत की दो बहनें इंजीनियरिंग कर बड़ी कंपनियों में सेवाएं दे रही हैं। शाश्वत ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और गुरुजनों को दिया है।
कोरोना संकट के बीच केरल के इजीमाला में हुई पासिंग आउट परेड में धारटीधार के एक युवक ने नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव धारटीधार के भांबी-भनोत में खुशी का माहौल है। उनके माता-पिता भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। भांबी भनोत गांव के नवदीप तोमर के परिवार का इतिहास भी सेना से संबंधित रहा है। नवदीप के पिता रघुनाथ सिंह तोमर सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
परदादा स्वर्गीय बलिराम भी ब्रिटिश आर्मी में 1949 में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इनकी माता सीता तोमर गृहिणी है। हालांकि, कोरोना संकट के बीच माता-पिता बेटे की पासिंग आउट समारोह में हिस्सा नहीं ले सके। उन्हें इस बात का गर्व है कि उनका बेटा नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बना है। नवदीप की बहन एकता तोमर ने बताया कि नवदीप ने नॉन मेडिकल से जमा दो परीक्षा आर्मी स्कूल अंबाला कैंट से पास की। इसके बाद मेकेनिकल इंजीनियर में वीआईटी चेन्नई से 2019 में बीटेक की डिग्री भी हासिल की है।