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खुशवंत सिंह की नगरी का कर डाला हाल-बेहाल

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सदी के महान लेखक स्वर्गीय खुशवंत सिंह हों या ब्रिटिशकाल के प्रतिभावान रस्किन बांड। उनकी प्रसिद्ध कहानियों में देवदार और चील की सुंदरता से लबरेज जिस शांत, सुरम्य और सुंदर कसौली हिल स्टेशन के जंगलों का जिक्र होता था, अब वह जंगल कंकरीट में तबदील हो रहे हैं। क्षेत्र के विकास का दायरा जितना बढ़ता जा रहा है, सड़कें, गलियां और आसपास का क्षेत्र उतना ही तंग होता जा रहा है।
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धर्मपुर, गढख़ल से लेकर कसौली तक होटल और प्रापर्टी सेक्टर में दिन दोगुनी रात चौगुनी उन्नति हो रही है। जगह जगह व्यावसायिक और निजी निर्माण घना होने लगा है। कहीं कहीं बेतरतीब या जरूरत से ज्यादा भवनों के निर्माण न केवल पर्यावरण को खतरा पैदा कर रहे हैं, बल्कि भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में जान माल का भी खतरा बढ़ता जा रहा है। कसौली क्षेत्र ढलान पर बसा है। इस तरह के निर्माण और अधिक खतरनाक हो सकता है। लिहाजा कई सामाजिक संस्थाएं इसके खिलाफ आवाज उठाने लगी हैं।

रोक के बावजूद जारी है निर्माण

कसौली में निर्माण गतिविधियों पर एनजीटी ने रोक लगाई है लेकिन अभी तक यह स्थानीय प्रशासन के पास आर्डर नहीं पहुंचे हैं। जगह जगह निर्माण जारी है। तर्क दिया जा रहा है कि अभी तक प्रशासन की तरफ से इस तरह के कोई निर्देश नहीं पहुंचे हैं। इसी के साथ साथ स्थानीय लोगों में निजी काम और कारोबारियों व्यवसायिक निर्माण बंद होने का भय है।

एक अनुमान के मुताबिक कसौली, गढख़ल, जगजीतनगर, धर्मपुर मार्ग और आस पास के क्षेत्रों में अरबों के निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि रिपोर्ट आते ही तुरंत निर्माण कार्य को बंद करने की कवायद शुरू हो जाएगी। ऐसे में बडे़ बड़े प्रोजेक्टों पर काम कर रहे बिल्डरों में भय का माहौल है। वहीं स्थानीय लोगों को भी चिंता सता रही है।
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अलग इतिहास है कसौली हिल्स का

संमदर तल से करीब 1900 मीटर ऊंचाई पर बसे इस क्षेत्र का अपना अलग गौरव रहा है। 1842 में इस शहर का निर्माण अंग्रेजों ने किया। इसे कोलोनियल हिल्स स्टेशन का दर्जा दिया गया। ऐतिहासिक महत्ता यहां स्थित सीआरआई केंद्रीय अनुसंधान केंद्र की है।

1904 में बने इस केंद्र में एंटी रैबीज, एंटी स्नेक, डीटीपी, टिटनेस की वैक्सीन का आविष्कार हुआ है। इस शहर को हेल्थ रिजॉर्ट के नाम से भी जाना जाता है। बेपटिस्ट चर्च, मंकी प्वाइंट, नाहरी मंदिर, कसौली ब्ररी और कसौली क्लब यहां की शान हैं। लोग देश और दुनिया के कोने कोने से यहां घूमने आते हैं। लिहाजा पर्यटन व्यवसाय यहां काफी बढ़ा है।

कसौली हिल्स स्टेशन चंडीगढ़ से 65 किमी और अंबाला से 94 किमी दूरी पर है। हरियाणा और पंजाब बिल्कुल पास होने के कारण यहां प्रापर्टी और व्यवसाय में निवेश करने वालों बाहरी लोगों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ रही है। आलीशान फ्लैट हों या भवन बाहरी लोगों के पास ही पोजेशन है।

उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने कहा कि कसौली में निर्माण गतिविधियों पर एनजीटी की ओर से रोक लगाए जाने की सूचना है। लेकिन अभी तक एनजीटी के ऑर्डर अपलोड नहीं हुए हैं। ऑर्डर अपलोड होते ही प्रशासन एनजीटी के निर्देशों पर अमल करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
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