अस्पताल के एक अधिकारी द्वारा बिल पर हस्ताक्षर न करने के चलते यह मामला अधर में लटका पड़ा है। कर्मचारियों का दो टूक कहना है कि अगर उन्हें मानदेय नहीं मिलता है तो वह आने काम भी बंद कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में कार्यरत 200 वार्ड कर्मियों (वार्ड ब्वाय) को अक्तूबर माह का मानदेय अभी तक नहीं मिल पाया है। इसके चलते यह कर्मचारी परेशान हैं। इन कर्मचारियों को अपना घर का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द ही मानदेय नहीं मिला तो उन्हें काम बंद करना पड़ सकता है। वार्ड में मरीजों की देखभाल के अलावा मरीजों को ऑपरेशन थियेटर तक लाना और ले जाना इनका काम होता है। इसके अलावा वार्ड के रूटीन कार्यों को भी यही लोग करते हैं।
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अस्पताल के एक अधिकारी द्वारा बिल पर हस्ताक्षर न करने के चलते यह मामला अधर में लटका पड़ा है। कर्मचारियों का दो टूक कहना है कि अगर उन्हें मानदेय नहीं मिलता है तो वह आने काम भी बंद कर सकते हैं। इन कर्मचारियों को हर माह छह तारीख को मानदेय मिल जाता था लेकिन इस माह अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास अस्पताल आने तक के किराये के लिए पैसे नहीं हैं।
प्राचार्य को दे दी है जानकारी : डॉ. भाटिया
आईजीएमसी में डिप्टी एमएस का कार्यभार संभाल रहे डॉ. प्रवीण भाटिया ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। इसकी जानकारी प्राचार्य को दी है। एमएस का पदभार भी प्राचार्य के पास है। इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।