सदस्यों को बताए नैनो खाद के लाभ
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रामपुर में इफको के सहयोग से उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण संस्थान फरीदाबाद की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 70 से ज्यादा सहकारी समितियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अधिकारी इफको माशूक अहमद की ओर से सभी का स्वागत किया गया। इसके साथ इफको के बारे में सामान्य जानकारी के साथ इफको के उत्पादों नैनो यूरिया, नैनो डीएपी व पानी में शत प्रतिशत घुलनशील उर्वरकों के बारे में जानकारी दी गई। इफको के राज्य विपणन प्रबंधक भुववनेश पठानिया ने इफको के विश्व प्रथम निर्मित तरल नैनो यूरिया एवं हाल ही में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत नैनो डीएपी पर विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की गई।
नैनो यूरिया आधुनिक तकनीक द्वारा निर्मित एक तरल उत्पाद है और आम यूरिया खाद का एक पर्यावरण हितैषी विकल्प है। उन्होने कृषि में नवीनतम तकनीकों पर आधारित उत्पादों जैसे नैनो यूरिया तरल एवं विभिन जल विलय उर्वरकों के संबंध में जानकारी प्रदान की और भविष्य में नैनो उत्पादों की मदद से बहुमूल्य मुद्रा की अनुदान के रूप में बचत के बारे में प्रतिभागियों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि नैनो तरल फसल की पैदावार बढ़ाने और पारंपरिक डीएपी एवं 12:32:16 खाद के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण को कम करके किसानों की आय में सुधार करने में अहम भूमिका रखेगा।
कार्यक्रम में डॉ. रविंदर यादव ने सभी को उर्वरक नियंत्रण आदेश के बारे में अवगत कराया गया व उचित क्वालिटी की ही खाद बेचने के बारे में बताया गया। और घटिया क्वालिटी के उर्वरक बेचने पर लाइसेंस रद्द होने के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि ऊना कुलभूषण धीमान ने सभी सचिवों को उर्वरक लाइसेंस को समय पर रिन्यू करवाने के व किसी सहकारी सभा को बिना उर्वरक लाइसेंस के खाद बेचने पर उनके पर उन पर सख्त कार्रवाही की जाएगी। कार्यक्रम में इफको के विशेष उर्वरक कार्यकर्ता गौरव चौधरी भी मौजूद रहे।