इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल, उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक, गत्ता उद्योग संघ महामंत्री अशोक राणा, बीबीएनआईए के संरक्षक राजेंद्र गुलेरिया, शैलेष अग्रवाल, आईजेएमएस सिद्धू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग पुरी, ईटीपी संचालक अशोक शर्मा, बरोटीवाला ल्यूब के अध्यक्ष संजीव शर्मा, आलोक सिंह, कुलवीर जमवाल, दीपक भंडारी, बीबीएनडीए के डिप्टी सीईओ सुधीर शर्मा, नप कार्यकारी अधिकारी रणवीर वर्मा मौजूद रहे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब बीबीएन में चल रहे उद्योगों में पिछले पांच साल का डाटा एकत्र करेगा। इस डाटा के अनुसार यदि उद्योगों में प्रदूषण का स्तर बढ़ते क्रम में पाया गया तो उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदित्य नेगी ने कहा कि समस्त उद्योगों का पांच साल का डाटा एकत्रित करेंगे और अगर किसी का प्रदूषण पिछले साल से ज्यादा बढ़ता है तो उस पर कार्रवाई करते हुए बड़े उद्योग पर एक करोड़, मध्यम पर 50 लाख और लघु उद्योग पर 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।