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एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति: 15 दिन में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का अल्टीमेटम, आठ मई को आम सभा

Sat, 30 Apr 2022 06:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एचआरटीसी कर्मियों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है। साथ ही निगम को रोडवेज का दर्जा देने की भी मांग उठाई है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन पर उतरने का एलान कर दिया है। 
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एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के परिवहन मंत्री के आश्वासन को एचआरटीसी कर्मियों ने नकार दिया है। दूसरे ही दिन एचआरटीसी कर्मियों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है। साथ ही निगम को रोडवेज का दर्जा देने की भी मांग उठाई है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन पर उतरने का एलान कर दिया है। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने आठ मई को बिलासपुर में निगम कर्मियों का अधिवेशन बुलाया है, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय होगी। संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष समर चौहान, उपाध्यक्ष पूर्ण चंद शर्मा, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता संजय कुमार, कोषाध्यक्ष जगदीश चंद, हितेंद्र कंवर, गोपाल लाल, देवी चंद, देसराज, राय सिंह, धनी राम, सुखराम, प्रेम सिंह, अनित कुमार, ऋषि लाल, संजीव कुमार, नवल किशोर, टेक चंद, विजय कुमार, यशपाल सुल्तानपुरी, सुशील कपरेट और दलीप शर्मा ने कहा है कि शुक्रवार को परिवहन मंत्री ने एचआरटीसी कर्मचारियों को एक बार फिर आश्वासनों का झुनझुना थमा दिया। 

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मंत्री से छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने और लंबित देय वित्तीय देनदारियों के भुगतान की घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मंत्री ने रटा-रटाया बयान दिया। जेसीसी के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि सरकार एचआरटीसी पर वित्तीय बोझ डालने के लिए तो आए दिन नई नई घोषणाएं कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की देनदारियों को चुकाने पर मौन है। 7 अप्रैल को प्रबंध निदेशक के साथ बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि अगर छठे वेतन आयोग की सिफारिशें, लंबित देय वित्तीय देनदारियों की अदायगी और निगम को रोडवेज का दर्जा देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो कर्मचारियों को मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा।

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