हिमाचल पथ परिवहन निगम में वोल्वों बसों को चले हुए करीब डेढ़ दशक से अधिक का समय हो गया है, लेकिन सूबे में अभी तक वोल्वो बसों की रिपेयर के लिए वर्कशॉप नहीं खुल पाई है। परिवहन निगम की सभी वोल्वो बसों की रुटीन सर्विस से लेकर तकनीकी खराबियों को दिल्ली में दूर किया जा रहा है। इससे परिवहन निगम को हर साल करोड़ों रुपये की चपत लग रही है।
वर्तमान में निगम के पास सरकारी और प्राइवेट कुल 100 वोल्वो बसें हैं। यह वोल्वो लग्जरी बसें प्रदेश भर के पर्यटन स्थलों से दिल्ली और चंडीगढ़ समेत विभिन्न बाहरी राज्यों के लिए चल रही हैं। वोल्वो बसों की रिपेयर साधारण बसों की अपेक्षा बहुत महंगी है। तकनीकी खराबी आने पर दिल्ली से मेकेनिक बुलाने पड़ रहे हैं।
सभी बसों की सर्विस दिल्ली में हो रही है। हैरानी की बात है कि वार्षिक मेंटेनेंस के नाम पर एक वोल्वो पर 50 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा कोई अन्य बड़ी तकनीकी खराबी आने पर खर्च की राशि एक से डेढ़ लाख रुपये के बीच पहुंच जाती है। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स व अन्य तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर वोल्वो बसों की रिपेयर प्रदेश में शुरू हो जाए तो दिल्ली में रिपेयर वर्क के लिए आने-जाने पर खर्च होने वाले डीजल समेत अन्य वित्तीय बोझ कम किए जा सकता है। वहीं 100 वोल्वो बसों के एचआरटीसी में शामिल होने से यह आवश्यकता कहीं अधिक बढ़ जाती है। परिवहन निगम के अधिकारी कई बार निगम में घाटे का तर्क दे चुके हैं।
लेकिन वोल्वो बसों की दिल्ली में होने वाली रिपेयर पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। एचआरटीसी हमीरपुर के डिवीजनल प्रबंधक दिलजीत सिंह ने कहा कि सूबे में एचआरटीसी के पास वोल्वो बसों की रिपेयर की सुविधा नहीं है। सालों से वोल्वो की दिल्ली में रिपेयर होती आ रही है।