एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से परिचालक को पदोन्नति देने की तैयारी पर एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति भड़क गई है। समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश, सचिव विद्यासागर, उमेश शर्मा, हरी लाल, यशपाल, मान सिंह, बाल कृष्ण, हितेंद्र कंवर, गोपाल लाल, नानक शांडिल, संजय कुमार, अनिल कुमार, हरदयाल सिंह, रफीक मोहम्मद, राजेंद्र ठाकुर, पूर्ण चंद और मेघ राम ने कहा कि एचआरटीसी में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
जो कर्मचारी ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, उन्हें समय पर पदोन्नति नहीं मिल रही है और जो नियमों के विपरीत कार्य कर रहे है उन्हें पदोन्नति दी जा रही है। समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि परिवहन निगम में वर्तमान में 270 चालक और परिचालक ऐसे हैं, जिनके छोटी सी गलती के मुकदमे कई वर्षों से अदालतों में विचाराधीन है और निगम ने उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया है।
व्यक्ति विशेष को फ ायदा पहुंचाने के उद्देश्य से रिव्यू डीपीसी गठित की गई है जो कि किसी भी प्रकार से तर्कसंगत नहीं है। समन्वय समिति उन अधिकारियों को भी आगाह किया है कि अगर नियमों के विपरीत परिचालक को पदोन्नत दी तो उन अधिकारियों के खिलाफ समिति हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उधर, परिवहन मंजदूर संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि ये आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं।
जो बेबुनियाद हैं। 7 महीने पहले 102 परिचालकों को उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया था। इनमें से 72 कर्मचारियों को जूनियर उपनिरीक्षक बनाया गया। ये सभी उनसे जूनियर थे। पूर्व में कई कर्मचारियों के खिलाफ 420 के मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें पदोन्नति दी गई है। मुझ पर हेरीफेरी और धोखाधड़ी के आरोप गलत हैं।