समुद्रतल से 10,280 फीट ऊंचा जलोड़ी दर्रा एक माह से यातायात केे लिए बंद है। ऐसे में लोग दर्रा को पैदल आरपार करने को मजबूर हैं। शनिवार को भी पांच फीट बर्फ के बीच करीब 40 से अधिक लोगों ने दर्रा को आरपार किया। इस दौरान कई लोगों को अपने बच्चों को पीठ पर उठाकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दिनों कुल्लू और लाहौल में हिमखंड गिरने की चेतावनी दी है। औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 में भी करीब तीन किलोमीटर दायरे में हिमस्खलन होने का खतरा है। लेकिन लोग बच्चों को कंधे और पीठ पर उठाकर जोखिम ले रहे हैं।
एनएच अथॉरिटी हाईवे को बहाल करने में जुटी है और दोनों तरफ से हाईवे को खोलने का काम जारी है। राहत की बात है कि शनिवार एक फरवरी को आनी की तरफ से दर्रा तक बर्फ को हटा दिया है। बंजार की तरफ से अथॉरिटी की मशीनरी बड़ानाला पहुंच गई और अभी भी करीब दो किलोमीटर तक फासला शेष बचा है। एनएच अथारिटी ने दावा किया है कि मौसम ने साथ दिया तो तीन से चार दिनों के भीतर बर्फ हटा दी जाएगी।
स्थानीय देव राज, भीम सिंह, उगम राम ठाकुर, नेहा ठाकुर, चमन सिंह, भाग सिंह, शेर सिंह, प्रेम लाल और लीला चंद ने कहा कि इस साल सर्दी में लगातार बर्फबारी से बाह्य सराज के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। लोग खुद के साथ बच्चों को पीठ पर उठाकर दर्रा को पैदल लांघने को मजबूर हैं।
कहा कि सरकार वर्षों से टनल निर्माण की बात कर रही है, लेकिन अभी तक टनल की डीपीआर को मंजूरी नहीं मिल सकी है। ऐसे में लोगों को अभी जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कई वर्षों तक परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। एनएच के सुपरवाइजर यशवर ठाकुर ने कहा कि उनका काफिला बड़ानाला तक पहुंचने वाला है। दो किलोमीटर से बर्फ हटाना बाकी रह गया है।