हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में तीन दिन तक चले विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विकास विषय पर सम्मेलन में विज्ञान पर मानवहित में अधिक शोध करने पर जोर दिया। सम्मेलन में देश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने 15 से अधिक शोधपत्र पढ़े।
सम्मेलन के समापन समारोह में हिसार विवि के प्रो. केएल धर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने इस आयोजन पर खुशी जताई।
एचपीयू के बायो टेक्नोलॉजी विभाग में हुए इस सम्मेलन में शूलिनी विवि सोलन के डा. अतुल ठाकुर, डीआरडीओ चंडीगढ़ के आशीष सैणी और दिल्ली के पवन कुमार ने बताया कि नैनो टेक्नोलॉजी से दूरसंचार सेवाओं का विस्तार और विकास हुआ है।
यह टेक्नोलॉजी कैंसर जैसे रोगों के उपचार में भी उपयोगी साबित हो रही है। पानी शुद्ध करने में भी इसका इस्तेमाल होता है।
एचपीयू के रसायन विभाग के डा. बलबीर ने बताया कि हाईड्रोजन पोलीमर के अविष्कार से मानव शरीर के सिर्फ रोग ग्रस्त भाग में ही दवा का असर करने में सहयोगी साबित हुआ है।
बॉयोटेक विभागाध्यक्ष प्रो. एसएस कंवर ने आयोजन संस्था को सफल आयोजन पर बधाई दी। प्रो. बलवीर सिंह, डा. जगदीश चंद्र, डा. सतीश वर्मा, डा. पीसी शर्मा, हिसार विवि शूलिनी विवि सोलन से डा. अतुल ठाकुर, डा. विनय गुप्ता, दिल्ली विवि के डा. पवन कुमार ने भी नए शोध के बारे जानकारी दी।
नीकिता ठाकुर को प्रथम पुरस्कार
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विकास विषय पर सम्मेलन में प्रो. केएल धर ने सम्मेलन में बेहतरीन प्रस्तुतियों पर शोधकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।
इसमें बॉयोटैक विभाग की शोधार्थी नीकिता ठाकुर प्रथम, शूलिनी विवि की दिव्य शर्मा ने दूसरा और एलआर इंस्टीट्यूट की भारती ठाकुर ने तीसरा पुरस्कार पाया। प्रो. केएल धर ने संस्था द्वारा किए कार्यों की सराहना की।