हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में होने केंद्रीय छात्रसंघ के सीधे चुनाव पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। अब कॉलेज और विश्वविद्यालय में अप्रत्यक्ष रूप से मनोनयन से एससीए का गठन किया जाएगा।
इसके लिए ईसी ने अलग से एक कमेटी गठित की है, जो 3 सितंबर तक कुलपति को मनोनयन की प्रक्रिया और शेडयूल तैयार कर रिपोर्ट सौंपेगी। मंगलवार को एससीए चुनाव पर फैसला लेने के लिए कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई ईसी की बैठक हुई।
इसमें मौजूद सदस्यों ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में हुई ताजा हिंसा की घटनाओं और पूर्व में हुई घटनाओं को आधार बनाकर प्रत्यक्ष चुनाव न करवाने का फैसला लिया।
कमेटी तय करेगी चुनाव का शेड्यूल
ईसी ने शैक्षणिक सत्र 2014-15 में ईसी ने प्रत्यक्ष चुनाव के विकल्प के रूप में मनोनयन पर आधारित केंद्रीय छात्र संघ की रूपरेखा बनाने के लिए और इससे संबंधित प्रक्रिया व चुनाव शेडयूल तैयार करने के लिए प्रति कुलपति की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का फैसला लिया।
कमेटी तीन सितंबर को कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसे बाद में ईसी को भेजा जाएगा। दोपहर चार बजे से देर शाम तक चली इस बैठक में 2014-15 में एससीए चुनाव करवाने का 4 से 11 सितंबर तक का प्रस्ताव रखा गया।
इस पर मौजूद सदस्यों ने चरचा की और कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय में हिंसा का माहौल बना हुआ है। विश्वविद्यालय कोटशेरा, संजौली, सहित बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, सिरमौर, शिमला सहित कई कॉलेजों छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच साल भर अपना वरचस्व कायम करने को खूनी संघर्ष हुए।
127 छात्रों पर हो चुकी है एफआईआर
शिमला पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 127 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ईसी ने वर्ष 2012-13 और 2013-14 के दौरान हुई हिंसा के कारण एससीए को भंग करना पड़ा। 12 छात्रों का आठ माह तक जेल में रहना पड़ा।
52 छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए जबकि कई छात्रों का निलंबन तक किया गया। वहीं ईसी सदस्यों ने छात्र संघ चुनाव को परिसर में शैक्षणिक माहौल को खराब करने के लिए भी मुख्य कारण माना।
ईसी ने कॉलेजों में रूसा को लागू करने में भी चुनाव को कारण बताया है। ईसी ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित लिंगदोह कमेटी की अनुषंसाओं विशेष तौर पर (6.1.2) की अनुपालना करते हुए एक साल के लिए चुनाव को स्थगित करने का फैसला लिया। ईसी ने लिंगदोह कमेटी की अनुशंसा 6.1.2,6.1.3 की अनुपालना करते हुए मनोनयन के आधार पर एससीए का गठन करने का फैसला लिया।